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सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितता को नही किया जाएगा बर्दाश्त - सहकारिता मंत्री

सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितता को नही किया जाएगा बर्दाश्त - सहकारिता मंत्री

 

जयपुर। सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि बैंकों में वित्तीय अनियमितताओं पर सीधे निलंबन से बर्खास्तगी की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता लोगों की सेवा से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमों के के अनुसार ही कार्य करे।दक सोमवार को अपेक्स बैक में केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अनियमित ऋण वितरण के संबंध में लंबित जांचों को शीघ्र पूरा करने एवं संबंधित के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलत ऋण वितरण पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि बैकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु ठोस कदम उठाए एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता होने पर उसकी व्यवस्था करे। उन्होंने गोदाम निर्माण में अनियमितता को लेकर कहा कि इस पर व्यय होने वाली राशि एवं निर्माण का मैकेनिज्म तैयार किया जाए। 
 
      सहकारिता मंत्री ने कहा कि धारा 55 की जांच एवं कार्रवाई को समय पर करे। ऋण वितरण में सिबिल चेक का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रानुसार आवश्यकता एवं विशेष उत्पादन के आधार पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवसाय में विविधता को गति देकर सहकार से समृद्धि के 54 नवाचारों को लागू किया जाए ताकि लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराईजेशन की गति बढ़ाने एवं गो लाइव में शीघ्रता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक नए लोगों को ब्याज मुक्त फसली ऋण देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सहकारी समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि पारदर्शिता के साथ लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।
 
      बैठक में 100 दिवसीय कार्ययोजना अल्पकालीन फसली ऋण वितरण, आजीविका ऋण योजना, खेत पर आवास ऋण योजना, पैक्स द्वारा कॉमन सर्विस सेन्टर,, कृषि निवेश एवं अकृषि निवेश मद में ऋण वितरण, केन्द्रीय सहकारी बैकों की अमानत सुधार, जनऔषधि केन्द्रों सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की। शासन सचिव सहकारिता, श्रीमती शुचि त्यागी ने ऋण वितरण एवं क्लेम की स्थिति के बारे में बैंक अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने आरबीआई एवं नाबार्ड के मापदंडो की पालना के निर्देश दिए।
 
      उन्होंने कहा कि जनऔषधि केन्द्रों का ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर विस्तार किया जाए। उन्होंने कार्य निष्पादन रिपोर्ट की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकिंग कार्यो एवं पैक्स कम्प्यूटराईजेशन में आ रही समस्याओं एवं समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की एवं उचित निर्देश दिए। बैठक में रजिस्ट्रार सहकारिता, श्रीमती अर्चना सिंह ने बैंक अमानतों, सीएससी ट्राजेक्शन बढ़ाने पैक्स एज एमएससी एवं खेत पर आवास ऋण योजना पर उचित निेर्देश दिए। प्रबंध निदेशक अपेक्स बैंक, श्री भोमाराम ने बैठक में बिन्दुवार एजेंडा रखा। इस अवसर पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार बैंकिंग श्रीमती गुंजन चौबे सहित सहकारिता विभाग एवं अपेक्स बैंक के अधिकारी उपस्थित थे। 

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