यूआईटी ओएसडी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में एफ़ आई आर दर्ज
भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास की विशेषाधिकारी रजनी माधीवाल के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगाकर फर्जी अवार्ड जारी करवाने व फर्जी अवार्डस को फर्जी डिस्पेच स्वयं ही कर फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर उप पंजीययक से पंजीबद्ध करवाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर माधीवाल ने सुभाषनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
सुभाषनगर पुलिस को दी एफआईआर में (विशेषाधिकारी भूमि ) नगर विकास न्यास रजनी माधीवाल ने बताया कि 11 जनवरी 2023 को हरिप्रसाद नामक एक व्यक्ति ने एक नकल प्रार्थना पत्र रामप्रसाद लढ़ा नगर योजना के भूखंड संख्या 3-डी-1 की पत्रावली प्राप्त करने के लिए दिया था। नकल आवेदन को विशेषाधिकारी द्वारा भू.अ. शाखा में भिजवाया। रामप्रसाद लढ़ा नगर योजना नगर विकास न्यास भीलवाड़ा व पैराफेरी में योजना क्षैत्र की भूमि है, यह भूमि खातेधारकों से अवाप्त की जाकर उन्हें पूर्व में अवार्ड स्वरूप भूखण्ड दिये थे । उक्त अवार्ड पत्रावली प्रकरण संख्या 5/06, 30/06 है। उक्त भूखण्ड 3-डी-1, प्रकरण 30/06 से संबंधित है । भूमि अवाप्ति शाखा के शाखा इंचार्ज सुरेश खोईवाल ने इस प्रकरण 30/06 की फाइल की तलाश की, लेकिन उन्हें पत्रावली नहीं गई। इसके बाद नकल प्रार्थना पत्र के साथ प्रस्तुत 3-डी-1 के साथ पेश की रजिस्ट्री की फोटो प्रति देखने पर ज्ञात हुआ कि उक्त अवॉर्ड विशेषाधिकारी माधीवाल द्वारा जारी ही नहीं किया गया। उक्त अवॉर्ड, रजिस्ट्री पर उनके फर्जी हस्ताक्षर, मोहर कर उसे फर्जी पर जारी कराया गया है और फर्जी तौर पर उसकी रजिस्ट्री भी हुई है। इस पत्रावली को ढूंढवाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन यह पत्रावली भू-अवाप्ति शाखा के अलावा अन्य किसी शाखा में भी नहीं मिली। इस संबंध में भूमि अवाप्ति शाखा के इंचार्ज सहायक प्रशासनिक अधिकारी, सुरेश खोईवाल द्वारा पत्रावली गुम हो जाने के संबंध में गुमशुदगी भी दर्ज करायी है। माधीवाल को उक्त अवार्ड और अवार्ड पर हस्ताक्षरों, मोहर के फर्जी होने का पता चलते ही 18 जनवरी 2023 को सचिव नगर विकास न्यास को अवगत कराया गया तथा इसके पश्चात् उक्त मामले की तह तक जाने के लिए सचिव नगर विकास न्यास ने प्रकरण में जांच कमेटी का गठन कर जांच बैठा दी। लेकिन पत्रावली के अभाव में जांच संभव नहीं हो पाई। विशेषाधिकारी माधीवाल ने उपपंजीयक भीलवाड़ा के यहां नकल प्राप्ति के लिए आवेदन किया, जिस पर उपपंजीयक द्वारा अपूर्ण दस्तावेज भिजवाये गये। इन पर हस्ताक्षर, मोहर भी फर्जी थे। माधीवाल ने रिपोर्ट में बताया कि उक्त प्रकरण संख्या 30/06 के खातेधारक जिनके नाम पर उक्त फर्जी व झूठे अवॉर्ड पंजीबद्ध हुये, उनमें राजेन्द्र कुमार, सुशील कुमार पुत्र रखबलाल, बाली बाई पत्नि रखबलाल महाजन, कृष्णा देवी पत्नी रोडूमल लोंगड़, भू.आ. सत्यनारायण गग्गड़ पुत्र बंशीलाल गग्गड़ एवं प्रकरण संख्या 5/06 के खातेदार विनोद कुमार पुत्र रखबलाल, राजेन्द्र कुमार, सुशील, विमला पत्नी हिम्म्त लाल प्रजापत, आशा पत्नि राजेश कुमार प्रजापत द्वारा आपसी मिली भगती कर फर्जी तौर पर परिवादिया माधीवाल के फर्जी हस्ताक्षर, मोहर कर फर्जी अवॉर्ड जारी कराये है। फर्जी अवॉर्ड्स को फर्जी डिस्पेच स्वयं ही कर फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर उपपंजीयक से पंजीबद्ध कराया है। माधीवाल का कहना है कि उन्होंने उक्त अवार्ड कभी भी जारी ही नहीं किये है, उक्त खातेधारकों ने सभी से मिलीभगती कर फर्जी व कूटरचित दस्तावेजात की रचना कर फर्जी हस्ताक्षर, मोहर करा तथा गवाह नन्दकिशोर बसेर ए-298 संजय कोलोनी भीलवाड़ा व अन्य जिसका नाम ज्ञात नहीं किन्तु हस्ताक्षर के नीचे पता 23 बैंकर्स स्ट्रीट सुभाष नगर लिखा हुआ है, के हस्ताक्षर कराये है, साथ ही उक्त कूटरचित दस्तावेजात को असल विधिक दस्तावेजात की तरह विधिक व अन्य कार्यों में प्रयोग भी किया है और ऐसा कर उक्त खातेधारकों व इनके सहयोगियों ने गंभीर अपराध कारित किया है एवं सरकार को तथा जनता को रेवेन्यू का नुकसान भी दिया है। मिलीभगती कर इनको अपराध करने में सहयोग प्रदान करने वाले कर्मचारी या अन्य व्यक्ति भी उक्त अपराध के दोषी है। पुलिस ने माधीवाल की इस रिपोर्ट पर अपराध धारा 420,467,468,471 भादस के तहत केस दर्ज किया है।