समझौता वार्ता के बाद ठंडी पड़ी बेरासर हत्याकांड से उठी ‘आक्रोश की लपटें’
बीकानेर। नोखा के बेरासर गांव में पारिवारिक रंजिश के चलते हुए महेन्द्र जाट हत्याकांड के बाद उठी आक्रोश की लपटें सोमवार को पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई समझौता वार्ता के बाद ठंडी पड़ गई। समझौते वार्ता के दौरान मृतक के परिजनों और ग्रामीणों जसरासर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हत्याकांड में लिप्त हिस्ट्रीशीटर मुकनाराम उर्फ मुकेश जाट और उसके भाई देवीलाल समेत तमाम नामजद अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार करने समेत थाना स्टाफ को हटाने और बेरासर में पुलिस चौकी बनाने की मांग की। पीबीएम होस्पीटल मोर्चरी के बाहर करीब घंटेभर चली समझौता वार्ता में सहमति के बाद परिजन और ग्रामीण मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिये राजी हो गये और पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिये लेकर रवाना हो गये। बताया जाता है कि शनिवार की रात हुई इस हत्याकांड की इस संगीन के वारदात के बाद गांव में दशहत का माहौल कायम होने के कारण सोमवार को कड़े पुलिस पहरे के बीच मृतक महेन्द्र जाट के शव का अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी में रहे कि गांव बेरासर में शनिवार हुई इस संगीन के वारदात के दौरान महेन्द्र सारण, मनोज, लालाराम, दानाराम, रामचन्द्र जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने बूथ पर वोट डालकर सरपंच हरिराम की कैंपर गाड़ी से घर लौट रहे थे। तभी बेरासर से सिंजगुरु रोड पर कैंपर गाड़ी में सवार होकर आये हिस्ट्रीशीटर मुकनाराम उर्फ मुकेश जाट उसके भाई देवीलाल समेत छह सात जनों लोहे के पाइप, बर्छी, लाठियों से कैंपर में सवार महेन्द्र सारण व मनोज पर हमला कर दिया। महेन्द्र के दोनों पैर तोड़ दिए। मनोज पर भी हमला किया। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। महेन्द्र और मनोज को देर रात पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को अलसुबह इलाज के दौरान 19 वर्षीय महेन्द्र की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और मुर्दाघर के आगे धरने पर बैठ गए।
रविवार को दिया था दिनभर धरना
बेरासर हत्याकांड के बाद रविवार को मृतक के परिजन और सैंकड़ों ग्रामीण पीबीएम मोर्चरी के बाहर धरना देकर बैठ गये। श्रीडूंगरगढ़ से माकपा प्रत्याशी गिरधारी महिया भी धरना स्थल पर पहुंचे। उसके बाद पुलिस चौकी में एएसपी ग्रामीण डॉ. प्यारेलाल शिवरान, एएसपी परामर्श केन्द्र ओमप्रकाश, सीओ सदर शालिनी बजाज, सदर एसएचओ सुरेन्द्र पचार की मौजूदगी में वार्ता की। परिजन जसरासर एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने व शेष आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। इसलिए रविवार को मृतक शव नहीं उठाया,सोमवार की सुबह ही बड़ी तादाद में ग्रामीण पीबीएम मोर्चरी के बाहर इक्कठा हो गये और आक्रोश रैली की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान मौके पर पहुंचे एएसपी सिटी दीपक शर्मा समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइस कर शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिये मना लिया।