पूर्व सीएम गहलोत का पीएम मोदी पर तंजः अजमेर में दिया गया भाषण वैचारिक दिवालिएपन का प्रमाण
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक है। जिस विचारधारा ने आजादी की लड़ाई में नाखून तक नहीं कटाया, उनका गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पर देश बांटने जैसे आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि वैचारिक दिवालियेपन का प्रमाण है। मोदी जी, याद रखिये आपका विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है। अपने आप को देश से बड़ा मानने की भूल मत करिए। दुखद है कि सरकारी मंच का उपयोग आपने केवल संकीर्ण राजनीति के लिए किया। जनता उम्मीद कर रही थी कि आप मेरे पत्र द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर बोलेंगे। क्या आप नहीं चाहते कि राजस्थान की तरह पूरे देश को 'Right to Health' मिले? क्या गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट और शहरी रोजगार गारंटी जैसे क्रांतिकारी फैसलों पर आपकी कोई रुचि नहीं है? गहलोत ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ERCP का भाजपा सरकार ने नाम बदला है पर कोई काम नहीं किया है। राजस्थान की जनता सच जानती है। पेपर लीक पर राजनीति करने के बजाय आपको राजस्थान के उस कड़े कानून की सराहना करनी चाहिए थी जिसमें आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ रुपए जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त जैसे प्रावधान हैं जो देश में मिसाल बना है। युवाओं को बरगलाने की राजनीति करने की बजाय केन्द्र सरकार के स्तर से ऐसा सख्त कानून बनाने की बात करनी चाहिए थी। भाजपा की सरकार तो राजस्थान में भाजपा सरकार के दौरान हुए OMR शीट घोटाले की जांच करने की हिम्मत तक नहीं दिखा पा रही। बेहतर यह होता कि आप विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार की योजनाएं बन्द न करने की अपनी गारंटी पर कायम रहते हुए आज मुख्यमंत्री को बन्द की गई योजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश देते क्योंकि राजस्थान में आपके 'डबल इंजन' का खोखला नारा अब 'डबल जीरो' साबित हो रहा है।