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महुवा नगर पालिका में पूर्व में हुए कार्य की जांच में पाया फर्जीवाड़ा

महुवा नगर पालिका में पूर्व में हुए कार्य की जांच में पाया फर्जीवाड़ा

महुवा - महुवा नगर पालिका द्वारा महुआ में विकास के नाम पर पूर्व में नगर पालिका महुआ द्वारा कराए गए विकास कार्यों में पूर्व विधायक ओम प्रकाश हुड़ला की शह पर उनके रिश्तेदारों व मिलने वाले ठेकेदारों द्वारा भारी एनिमितताएं के साथ गड़बड़झाला किए जाने के सबूत जांच के दौरान मिले हैं

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र मीणा ने बताया कि महुआ नगर पालिका द्वारा महुआ उपखंड मुख्यालय के राजकीय टीकाराम पालीवाल उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में स्टेडियम में विकास करवाने के कार्य मे फर्जीवाड़ा किया गया है नगरपालिका महवा द्वारा टिकाराम विद्यालय के स्टेडियम का विकास करवाने के लिये निविदा नपाम / निर्माण/2021-22/735 के जरिये 08.10.2021 को निकाली गई उक्त निविदा की तकनीकी स्वीकृति अधीक्षण अभियन्ता नगर निगम जयपुर से ली गई जबकि तकनीकी स्वीकृति निदेशालय स्वायत्त शासन विभाग से ली जानी थी वहीं निविदा प्रक्रिया मे मात्र केवल 2 ही फर्म द्वारा भाग लिया गया जिसमे कार्यादेश बी.एस. आर. से लगभग 9 प्रतिशत की उच्च दर पर श्री राम कन्सट्रक्शन फर्म को जारी किया गया जिसमे संबंधित फर्म के साथ मिलीभगत करना प्रतीत होता है एवं अधीक्षण अभियंता द्वारा विभिन्न शर्तों पर तकनीकी स्वीकृति CE/2021/106 दिनांक 06.10.2021 को 31 बिन्दुओं के साथ जारी की गई जिसकी अवहेलना कर के कार्य करवाया गया वहीं उक्त फर्म केशफुल मीणा की है जो कि पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुड़ला का निजी व्यक्ति होना पाया गया है। उक्त कार्य के तकमीना निर्माण मे लागत से अधिक बनवाया गया, वहीं तकमीना के अनुसार कार्य नही होना पाया गया है। तकमीना अनुसार खेल मैदान समतल होना चाहिये था परन्तु खेल मैदान विभिन्न स्थानो पर टुटा-फूटा व लेवलिंग सही नही पाई गई, वही खनिज विभाग द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक दौसा /सीसी/सानिवि/2021/4558 की भुगतान पूर्व पालना करवाई जानी थी जो कि नही करवाई गई वहीं भुगतान पूर्व तृतीय पक्ष से जांच करवाई जानी थी जो कि निजी लैब से करवाई गई। मौके पर कार्य ले-आउट अनुसार नही करवाया है। खेल मैदान मे दीवारो पर निम्न स्तर के घटिया क्वालिटी का पेंट पाया गया है वहीं दीवारों पर लगी जालियाँ भीले-आउट अनुसार नही है एवं घटिया एवं पुरानी टाईल्स का उपयोग करना पाया गया जबकि तकमीना मे टाईलों की क्वालिटी उच्च स्तर की बताई गई है एवं मौके पर घटिया क्वालिटी का उपयोग हुआ है। एवं जालियों पर वैल्डिंग कार्य भी निम्न स्तर का पाया गया है वहीं मैदान मे लाईटपोल भी तकमीना से भिन्न पाये गये है। तकमीने में ट्यूबवैल लगवाने वअन्य सामग्री पर लगभग 10 लाख खर्च किये है जबकि वर्तमान मे बाजार से उक्त कार्य की लागत 2 से 3 लाख ही है वहीं तकमीना अनुसार मोटर, पाईप आदी धरातल पर नही पाये गये है। तकमीना अनुसार टॉयलेट का निर्माण करना नही पाया गया है, पुरानी बी.एस.आर का प्रयोग किया गया, तकमीना मे बच्चों के मनोरंजन के उपकरणो की लागत अधिक बताई गई, वही धरातल पर झूला, फिसलन पट्टी आदि घटिया स्तर के है। फिसलन पट्टी 10 से 12 हजार की आती है उसे 30 से 40 हजार की बताया गया है। खेल मैदान मे रोड़ वर्क घटिया स्तर का किया गया है एवं तकमीना अनुसार कहीं संकेतक नही पाये गये है और ना ही सिंथेटिक घास पाई गयी है एवं बास्केटबॉल का ट्रेक सही नही बनाया गया है। निविदा के तकमीना अनुसार कार्य धरातल पर नही पाया गया है व निविदा की शर्तों मे अन्तर पाया गया है। जो कि वित्तीय नियमानुसार सही नही है एक फर्म विशेष को फायदा पंहुचाने की मंशा प्रतीत होती है जिसमे पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुड़ला का हस्तक्षेप प्रतीत होता है चूंकि फर्म पूर्व विधायक के निजी व्यक्ति की होना पाया गया है एवं खेल मैदान की दिवार निम्न स्तरकी बनाई है एवं ना ही तकमीना के हिसाब से चित्रकारी करवाई गई है। उक्त बिन्दु मे पूर्वविधायक द्वारा पद का दुरूपयोग करना पाया गया है।

2. नगरपालिका महवा क्षेत्र मे सौन्दर्यकरण के नाम पर घोटाला :- नगरपालिका महवा क्षेत्र मे सौन्दर्यकरण वास्ते भारतीय झण्डा मय सर्किल लगान के कार्य की निविदा कि गई, उक्त कार्य में मिलीभगत एवं फर्जीवाड़ा करने की मंशा से पूर्व विधायक ने उक्त निविदा की अंतिम तिथी को बढ़वाकर 03.08.2022 से बढाकर 08.08.2022 कर दिया, उक्त निविदा मे 5 निविदा दाताओ ने भाग लिया लेकिन बिना किसी कारण 03 निविदा दाताओं को अयोग्य घोषित कर पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला के रिश्तेदार जीजा मनोज मीणा निवासी बीरासना (मां द्रोपती उद्यम) को उक्त टेण्डर जारी कर दिया गया उक्त निविदा मे बिल की राशि धरातल पर हुए कार्य के अनुसार लगभग 2 लाख है जबकि बिल 5 लाख से अधिक का बनाया गया, उक्त कार्य मे पूर्व विधायक द्वारा उक्त कार्य मे नगर पालिका से मिली भगत कर फर्जीवाड़ा करवाया गया है। जिस जांच के दौरान पता लगा है नगर पालिका महुआ द्वारा पूर्व समय में अधिकतर विकास कार्यों में पार्षदों को अपने वार्डों में काम होने का पता नहीं लगने दिया वही कुछ पार्षदों का आरोप है कि पार्षदों के खाली रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर लिए जाते थे उसके बाद पूर्व विधायक के अनुसार टेंडर प्रक्रिया व कार्य होता था।

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