गाजू सरपंच पति को बलात्कार के मामलें में भेजा जेल
3 साल पुराने प्रकरण में न्यायालय ने जमानत याचिका की खारिज
हरसौर। ग्राम गाजू के सरपंच पति को तीन साल पुराने मामलें में जेल भेज दिया गया। सरपंच पति कुम्भाराम पुत्र मूलाराम गोदारा के खिलाफ कुचेरा थाने में वर्ष 2020 में आईपीसी की धारा 450, 354, 384, 376, 504 व अन्य धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। अभियुक्त ने विशिष्ट न्यायालय एससी एसटी मेड़ता में जमानत याचिका भी लगाई, जिसे न्यायालय ने खारिज कर जेल भेजने के आदेश जारी किए। प्रकरण की जांच आईजी के निर्देश पर सीआईडी सीबी ने की थी। मामलें में सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक गणपत लाल बेड़ा ने एवं एडिशनल एसपी सीआईडी सीबी दिनेश यादव व परिवादीया की ओर से पैरवी एडवोकेट महिपाल चौधरी ने की।
यह हैं मामला-पीड़िता ने थाने पर दर्ज मामलें में बताया कि वह उसके पति के साथ ढाढरिया खुर्द में स्थित एक खेत में बने झोपड़ी में रहती हैं और वहाँ वें कृषि कार्य करते हैं। घटना 16 नवंबर 2020 की शाम करीब 7:30 से 9 बजे के बीच हुई। पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि ग्राम गाजू की सरपंच गीता देवी का पति कुंभाराम गोदारा पुत्र मूलाराम गोदारा वहां पर आया। उस समय वह घर पर अकेली थी। जब उसने कुंभाराम को आने का कारण पूछा तो कुंभाराम ने कहा कि अभी तुम्हारा पति सेवाराम कुचेरा दवाई लेने गया है। जब उससे घर आने का कारण पूछा तो आरोपी ने जबर्दस्ती करते हुए कपड़े फाड़ दिए तथा बलात्कार किया। पीड़िता ने विरोध भी किया, मगर आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जातिसूचक गालियां भी निकाली। जब पीड़िता के पति घर आए तो उसने सारी आपबीती उनको बताई। उसके बाद कुंभाराम ने उसके पति व उसको फोन कर जान से मारने की धमकी भी दी। परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।