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गंगानगर: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

गंगानगर: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

गंगानगर। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने संबंधी बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जाये। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने, सड़कों पर संकेतक पट्टिकाएं, रिफलेक्टर, रम्मबल स्ट्रिप, चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं और श्वानों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये विभागीय अधिकारी समुचित कार्यवाही करें। जिला कलक्टर ने सरकारी व निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों के सामने लगे स्पीड ब्रेकर की रिपोर्ट देने, बाल वाहिनियों के लिये सभी स्कूल संचालकों को नियमों की पालना करवाने के लिये संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये गये। शहर के मुख्य चौराहों के लिये यूआईटी, जिला परिवहन अधिकारी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के लिये निर्देश दिये गये। बैठक में एनएचआई से आये हुए अधिकारियों सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट देने के लिये निर्देश दिये। भारी वाहन चालकों के लिये आंखों की जांच करवाने एवं विशेष प्रशिक्षण देने के लिये जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से कमियों को जल्द से जल्द दुरस्त करवाने के लिये कहा गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बीमा योजना के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता के लिये संबंधित अधिकरियों को निर्देश दिये गये तथा राजकीय एवं निजी संस्थाओं में व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार के लिये कहा गया ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति योजना का लाभ ले सके।

नार्को कोर्डिनेशन सेंटर तंत्र की जिला स्तरीय स्टेंडिंग कमेटी की बैठक
इससे पूर्व नार्को कोर्डिनेशन सेंटर तंत्र की जिला स्तरीय स्टेंडिंग कमेटी की बैठक भी हुई। जिला कलक्टर द्वारा अब तक की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिले में प्रतिबंधित दवाओं की ब्रिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिये संबंधित विभाग और एजेंसियां प्रभावी कार्यवाही करें। मेडिकल स्टोर की जांच और प्रतिबंधित दवाओं की ब्रिक्री करने वालों के खिलाफ औषधि नियंत्रक अधिकारियों को निर्देश दिये कि नियमित जांच के पश्चात नियमानुसार कार्यवाही की जाये। बाहरी राज्यों से प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिये पुलिस के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाकर प्रभावी कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि नशे में प्रयुक्त की जाने वाली दवाईयों की उपलब्धता और स्टॉक की नियमित जांच करवायें। मेडिकल दवाओं के रिकॉर्ड की आकस्मिक जांच कर अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही औषधि नियंत्रक विभाग जिले के समस्त खुदरा विक्रेताओं को एनडीपीएस दवाओं की पर्ची पर दवा देने के पश्चात मोहर लगवाया जाना सुनिश्चित करावे। सभी मेडिकल स्टोर्स को पोर्टल द्वारा ही दवाईयां देने के लिये पाबंद किया जाये। नशा मुक्ति केन्द्रों और मेडिकल स्टोर सहित अन्य संस्थाओं के रिकॉर्ड संधारण के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करवाना सुनिश्चित करें। बैठक में एडीएम सतर्कता मती रीना, जिला परिषद सीईओ गिरधर, एएसपी रघुवीर, एसडीएम नयन गौतम, गिरजेश कांत शर्मा, देवानंद, अशोक मित्तल, वीरेन्द्र पाल सिंह, भीमसेन, रिको आरएम एमसी मीणा, मंगत सेतिया, सुरेन्द्र पूनिया, एनएचआई अधिकारियों, एनजीओ सहित अन्य मौजूद रहे।

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