गौतम अदाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर शख्स, अंबानी को छोड़ा पीछे
नई दिल्ली। उद्योगपति गौतम अदाणी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब अपने नाम कर लिया है। फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपति सूची के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 89.2 अरब डॉलर पहुंच गई है, जिससे उन्होंने एशिया के अन्य दिग्गज उद्योगपतियों को पीछे छोड़ दिया है।
ताजा रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 88 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं जापानी निवेशक और सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सोन करीब 87 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। कुछ दिन पहले तक सोन इस सूची में शीर्ष स्थान पर थे।
गौतम अदाणी की संपत्ति में यह उछाल मुख्य रूप से अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन के कारण आया है। समूह की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने उनके नेटवर्थ को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
बाजार आंकड़ों के अनुसार अदाणी समूह की छह प्रमुख कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग 191 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इनमें अदाणी पावर सबसे अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी रही। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी टोटल गैस ने भी समूह की कुल वैल्यू में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पिछले कुछ वर्षों में अदाणी समूह को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। खासतौर पर वर्ष 2023 में अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडेनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई थी। हालांकि बाद में भारतीय नियामकीय संस्थाओं ने जांच के दौरान आरोपों को प्रमाणित नहीं माना।
फोर्ब्स के अनुसार हाल के महीनों में अदाणी की संपत्ति में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटने और समूह की कारोबारी गतिविधियों में विस्तार का असर सीधे उनकी कुल संपत्ति पर दिखाई दिया है।
गौतम अदाणी ने हाल ही में शेयरधारकों को लिखे अपने वार्षिक संदेश में कहा था कि समूह ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। उनका मानना है कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विकास और बढ़ती ऊर्जा मांग से इन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
उन्होंने समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के सफल राइट्स इश्यू को भी निवेशकों के भरोसे का संकेत बताया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों के बढ़ते विश्वास और कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार ने अदाणी को एक बार फिर एशिया के सबसे धनी व्यक्ति की कुर्सी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।