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दूसरा दशक की किशोरियों ने समझी रेलवे की कार्यप्रणाली

दूसरा दशक की किशोरियों ने समझी रेलवे की कार्यप्रणाली

 
फलोदी .  दूसरा दशक द्वारा संचालित राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के गैर आवासीय चार माही परीक्षा मार्गदर्शन शिविर की किशोरियों ने मंगलवार को फलोदी रेलवे स्टेशन की विजिट कर रेलवे की कार्यप्रणाली को समझा। रेल्वे स्टेशन अधीक्षक शिवजी मीणा, स्टेशन सुपरिटेंडेंट रामजी मीणा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर आशीष तथा कॉमर्शियल बुकिंग सुपरवाईजर विट्ठल जोशी के साथ किशोरियों ने संवाद किया। 
सीनियर सेक्शन इंजीनियर आशीष ने रिले रूम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह रेलवे स्टेशन की धड़कन है, इसी से स्टेशन मास्टर व लोको पायलट अपना कार्य करते हैं। स्टेशन सुपरिटेंडेंट रामजी मीणा ने किशोरियों को रेलवे की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होनें किशोरियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया। हंसा ने पूछा कि ट्रेन में लोकल डिब्बे कम क्यों होते हैं ? उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि लोकल सवारी कम दूरी तय करती है इसलिए लोकल डिब्बे कम होते हैं। कांता ने पूछा कि किसी यात्री का सामान ट्रेन में छूट जाए तो आप किस तरीके से वह सामान पहुंचाते हैं ? उन्होंने जवाब दिया कि वहां के स्टेशन मास्टर को सही समय पर सूचना देने से सामान मिल जाता है। मुस्कान, अरूणा, हेमा, रक्षा, संगीता, हेमलता, बशीरों ने भी सवाल पूछे। किशोरियों ने टिकट घर तथा ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। विजिट में प्रशिक्षिकाएं भी किशोरियों के साथ थी।
विजिट के दौरान लालगढ़ जाने वाली लीलण सुपरफास्ट एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रूकी तो दूसरा दशक की किशोरियों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर भरी गर्मी में यात्रियों को ठण्ड़ा जल पिलाने में मदद की। परियोजना निदेशक मुरारीलाल थानवी ने रेलवे अधिकारियों व पानी की व्यवस्था करने वालों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
 
 
 

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