विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें, जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश
कोटा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने की। बैठक में विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव, परीक्षा दबाव, अवसाद की स्थिति तथा आगामी 3 मई को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
तनावग्रस्त विद्यार्थियों की पहचान कर तुरंत दें संबल
जिला कलक्टर ने कहा कि विशेष रूप से वे विद्यार्थी जो एक से अधिक बार प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास कर रहे हैं अथवा कोचिंग टेस्ट और एग्जाम में अपेक्षा से कम अंक प्राप्त कर रहे हैं, उनके व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। यदि किसी भी छात्र में तनाव, अवसाद, निराशा या अलगाव के संकेत दिखाई दें तो तुरंत काउंसलिंग, संवाद और सहयोग के माध्यम से उसे मानसिक एवं भावनात्मक संबल दिया जाए।
हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित हों
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं परामर्श सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन सेवाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थी किसी भी समय अपनी समस्या साझा कर सकें। पुलिस प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान तथा मानसिक तनाव प्रबंधन के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी प्रकार की परेशानी, तनाव, अवसाद, सुरक्षा संबंधी चिंता या मार्गदर्शन की आवश्यकता होने पर छात्र स्टूडेंट सेल, कोटा शहर के हेल्पलाइन नंबर 95304-42778 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कोटा शहर पुकार हेल्पलाइन 94688-00005 तथा नशे के विरुद्ध गार्जियन हेल्पलाइन 95304-43141 भी विद्यार्थियों को सहायता, परामर्श और त्वरित सहयोग उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय हैं, ताकि छात्र सुरक्षित वातावरण में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी ने बताया कि गार्जियन हेल्पलाइन पर नशे संबंधी कॉल में नम्बर प्रदर्शित नहीं होता है एवं कॉल करने वाले की पहचान गोपनीय रहती है। काउंसलर से जुड़ने के लिए टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं 1800-89-14416 पर भी छात्र संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि तनाव, चिंता या किसी भी मानसिक परेशानी की स्थिति में तुरंत इन सेवाओं का उपयोग करें और समय पर विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करें। कलक्टर पीयूष समारिया ने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों, पुस्तकालयों तथा विद्यार्थियों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर चाइल्ड हेल्पलाइन, टेली मानस हेल्पलाइन, अभय कमांड सेंटर तथा अन्य आवश्यक सहायता नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी तुरंत संपर्क कर सकें। शिकायत पेटी और गोपनीयता सुनिश्चित हो। जिला कलक्टर ने प्रत्येक कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल में शिकायत पेटी अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थी बिना किसी भय के अपनी समस्या साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता छात्र की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाए ताकि वह निर्भीक होकर अपनी बात रख सके।
अभिभावकों की काउंसलिंग भी जरूरी
नीट परीक्षा को देखते हुए शिक्षकों, वार्डनों और संस्थान प्रमुखों को विद्यार्थियों के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखने तथा उनके परिवारजनों से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों से अधिक महत्वपूर्ण कई बार अभिभावकों की काउंसलिंग होती है, ताकि विद्यार्थियों पर परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का अनावश्यक दबाव न बने।
अभिभावकों के लिए तैयार किया जाएगा विशेष माड्यूल
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थान जिला प्रशासन के साथ मिलकर अभिभावकों के लिए एक विशेष मॉड्यूल तैयार करें, जिससे विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन में प्रभावी सहायता मिल सके और सकारात्मक वातावरण बनाया जा सके। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला, मनोचिकित्सक डॉ. विनोद दड़िया सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।