गोदरेज ग्रुप ने बढ़ाया सुरक्षा का स्तरः 3500 से अधिक ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया
मुंबई। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के एक हिस्से, गोदरेज और बॉयस के मटेरियल हैंडलिंग व्यवसाय ने स्वदेशी नवाचार और व्यापक कौशल विकास के माध्यम से कार्यस्थलों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मटेरियल हैंडलिंग मैन्यूफैक्चरिंग साइकल का दो तिहाई हिस्सा होता है, जबकि 40% दुर्घटनाएं असुरक्षित मटेरियल हैंडलिंग प्रथाओं के कारण ही होती हैं। इनमें से 80% मानव त्रुटि या असुरक्षित कार्यों के कारण होती हैं। इस बिजनेस ने अपने उपकरणों में अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं की एक श्रृंखला पेश की है। इनमें सीट बेल्ट इंटरलॉक सिस्टम, पैदल यात्रियों और अन्य चलने वाले उपकरणों के लिए सुरक्षा लाइटें, ऑपरेटर प्रेजेंस सेंसर (OPS) और एन्हांस्ड सेफ्टी सिस्टम (ESS) शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि यदि ऑपरेटर सही तरीके से नहीं बैठा है और सीट बेल्ट बंधी नहीं है, तो लिफ्टिंग, टिल्टिंग, अटैचमेंट कार्य और फोर्कलिफ्ट मूवमेंट को डिजेबल कर देता है। कंपनी ने स्मार्ट कर्व कंट्रोल तकनीक भी पेश की है, जो मुड़ते समय गति को 30% तक कम कर देती है। एक एंटी-रोलबैक सिस्टम भी है, जो ढलानों पर सक्रिय होता है ताकि फिसलने से रोका जा सके। इसने वित्त वर्ष 2025 में मटेरियल हैंडलिंग ऑपरेशनों के लिए ‘I Report’ नामक भारत का पहला सुरक्षा एप भी लॉन्च किया है। इन तकनीकी प्रगति को पूरा करने के लिए, गोदरेज एंड बॉयस ने फोर्कलिफ्ट ऑपरेटरों के लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और प्रशिक्षण स्कूलों के सहयोग से व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं।