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राज्यपाल बागडे ने छात्रों को बताया भारत के गौरवशाली इतिहास का महत्व

राज्यपाल बागडे ने छात्रों को बताया भारत के गौरवशाली इतिहास का महत्व

Jaipur : "एक भारत श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम के अंतर्गत कर्नाटक के आईआईआईटी धारवाड़ के विद्यार्थियों ने मंगलवार को जयपुर स्थित लोकभवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा परंपरा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं का वैश्विक केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि एक समय दुनिया के विभिन्न देशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आते थे और यहां अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ज्ञान-विज्ञान के प्रमुख केंद्र माने जाते थे।

उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता की पहचान केवल उसके इतिहास से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और बौद्धिक उपलब्धियों से भी होती है। युवाओं को देश के गौरवशाली अतीत की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य के भारत के निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय मूल्यों और विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित होना चाहिए।

संवाद के दौरान उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी। चित्तौड़गढ़ दुर्ग, गंग नहर और नर्मदा जल परियोजना जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने राजस्थान के विकास और ऐतिहासिक महत्व को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।

राज्यपाल ने आदिवासी वीरांगना कालीबाई के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनके साहस और बलिदान का विशेष स्थान है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि देश के युवाओं को अपने इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को समझते हुए विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी राज्यपाल से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और संवाद के माध्यम से भारत की विविधता तथा सांस्कृतिक एकता को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।

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