राज्यपाल कलराज मिश्र ने किया होम्योपैथी अस्पताल का उद्घाटन, बोले- प्रमुख केंद्र बनेगा
जयपुर . राज्यपाल कलराज मिश्र ने विश्व होम्योपैथी दिवस पर सोमवार को जगतपुरा में वीआईटी रोड पर अरावली होम्योपैथी अस्पताल व रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा, सद्गुरु आश्रम के संस्थापक एवं माँ बगुलामुखी उपासक पंडित राजकुमार शर्मा, आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम तथा होम्यापैथी के प्रोफेसर जयराम चौधरी मौजूद थे।
होम्यापैथी अस्पताल व रिसर्च सेंटर के उद्घाटन के बाद राज्यपाल कलराज मिश्र ने अस्पताल संचालक डॉ अशोक सिंह सोलंकी की तारीफ करते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में इस तरह का पहला अस्पताल है, जहां इलाज के साथ रिसर्च भी होगी। यहां होम्योपैथी से रोगियों को ठीक किया जाएगा। यह होम्यौपैथी की दृष्टि से आम जनता को आकर्षित करने का प्रमुख केंद्र बनेगा । गंभीर से गंभीर रोगियों को ठीक करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करेगा।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने कहा कि समय लेता है, लेकिन होम्योपैथी कारगर इलाज है। डाॅ सोलंकी ने कोरोना के दौरान पुलिसकर्मी, पत्रकार व अन्य कोरोना वॉरियर्स इम्युनिटी बूस्टर के लिए निशुल्क दवा वितरित की।
इस अवसर पर पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि कोरोना काल मे वैकल्पिक चिकित्सा पर आमजन का विश्वास बढ़ा है।
क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि विज्ञान तकनीक का जमाना है, लेकिन विज्ञान के जमाने में हौम्योपैथी, आयुर्वेद,युनानी इन पद्धतियों का टिकना मुश्किल है। इसके बावजूद चिकित्सक अपने परिश्रम के दम पर इन पैथियों को स्थापित किया है या कर रहे हैं। सर्जरी में आधुनिक चिकित्सा जरूरी है, लेकिन रिकवरी में होम्योपैथी आयुर्वेद सहायक है। इसलिए इन पर लोगों का विश्वास बढ़ता जा रहा है।
डॉ एसएस अग्रवाल ने कहा कि दवा वही सही जो बीमारी में लग जाए, होमिपैथी को रिसर्च क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है। होम्योपैथी को बढ़ावा देने के साथ लोगों के दुख भी दूर किया जाना चाहिए।
इस दौरान अमित अग्रवाल और रीना गर्ग ने आदि मरीजों ने होम्योपैथी उपचार को लेकर अपने अपने अनुभव साझा किए कि किस प्रकार उन्हें बीमारी में उपचार से लाभ मिला।