राज्यपाल ने जवानों के पराक्रम की सराहना की
भारत-पाक सीमा का अवलोकन, बीएसएफ जवानों की हौंसला अफजाई
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बाड़मेर, 10 अगस्त। राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने शनिवार मुनाबाव सीमा चौकी से भारत-पाक सीमा का अवलोकन कर प्रहरी सम्मेलन में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्र सेवा में जवानों की तत्परता के लिए उनकी हौसला अफजाई करते हुए पराक्रम की सराहना की।
मुनाबाव में प्रहरी सम्मेलन के दौरान राज्यपाल बागडे ने कहा कि सैनिक सरहद की हिफाजत के लिए सतर्क है। वे विपरित परिस्थितियों में देश सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने देश के प्रति प्रेम एवं निस्वार्थ सेवा के लिए जवानों का नमन करते हुए कहा कि वे अदम्य साहस के लिए सैनिकों का अभिनंदन करते है। उन्होंने चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊ और तेरा वैभव अमर रहे मां, मैं रहूं या ना रहूं का जिक्र करते हुए कहा कि जवानों के समर्पण की बदौलत भारत सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जाबाज़ सैनिक मां भारती के वह सपूत है, जिनके कंधे पर राष्ट्र की सुरक्षा का भार है। उन्होंने बीएसएफ के जवानों की हौसला अफजाई करते हुए उनके पराक्रम की सराहना की। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सुरक्षा समन्वय संबंधित बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन सरहद पार से तस्करी एवं अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सरहद पर रहने वाले ग्रामीण परिवारों की सराहना करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। राज्यपाल बागडे ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को मिठाई एवं फल भेंट किए। सीमा सुरक्षा बल की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
उन्होंने मुनाबाव में कांफ्रेस हॉल के पास एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण किया। इससे पहले राज्यपाल के मुनाबाव पहुंचने पर बीएसएफ के जवानों गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक अभिषेक पाठक, राज्यपाल के सचिव गौरव गोयल, उप महानिरीक्षक राजकुमार बसट्ठा, जिला कलक्टर निशान्त जैन, पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीना, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ पलनीचामी, शिव विधायक रविन्द्रसिंह, समाजसेवी स्वरूपसिंह खारा समेत विभिन्न सीमा सुरक्षा बल एवं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी, जवान उपस्थित रहे।