बिना सुकृति लिए ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि का बिगाड़ रहे स्वरूप
कवाई. थाना क्षेत्र के गोरधनपुरा ग्राम पंचायत के सालपुर गांव में चारागाह भूमि में बिना सुकृति लिए चरागाह भूमि का स्वरूप बिगाड़ रहे हैं ग्राम पंचायत गोरधनपुरा के ग्राम सालपुर की चरागाह भूमि जो नेशनल हाईवे सड़क के किनारे हैं वहा बेखौफ तरीके से जेसीबी चलाकर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। जिस सड़क से होकर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की आवाजाही रहती है। उसके उपरांत भी अगर चारागाह भूमि पर अवैध खनन हो रहा है। तो कहीं न कही प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े होते हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बे से होकर निकलने वाले नेशनल हाईवे 90 नंबर पर छिपाबड़ोद रोड स्थित गोरधनपुरा ग्राम पंचायत के सालपुर गांव के समीप स्थित एक खाल के पास चारागाह भूमि पर दोपहर में ही सरेआम जेसीबी मशीन चला कर करीब एक दर्जन टेक्करो की सहायता से मिट्टी खोद कर परिवहन करते हुए खनन किया जा रहा है शनिवार को ग्रामीणों की शिकायत पर कार्य स्थगित कर दिया गया। एक तरफ जहां जिम्मेदार अधिकारियों अवैध खनन के परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से करीबन 10 से 15 फ़ीट उंडी 200 से 300 फिट लंबी खाई बना दी है
वहीं दूसरी ओर सरेआम भरी दोपहरी नेशनल हाईवे सड़क के किनारे ही जेसीबी की सहायता से मिट्टी का खनन कर यहां से सैकड़ों की तादात में मिट्टी का परिवहन कर लिया है खनन कर्ताओं के हौसले इतने बुलंद है कि उन्हें इस सड़क से होकर निकलने वाले जिम्मेदार अधिकारी व पुलिस प्रशासन का भी भय नहीं है यहां से खनन जा रही मिट्टी को पंचायत के गांवो में खाली पड़े भूखंडों में डालकर सरकार के राजस्व को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है अवैध खनन के चलते चारागाह भूमि धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तो वही खनन माफियाओं ने वहां होकर निकल रहे खाल को भी नहीं छोड़ा। इसमें भी गहरी खदानें बना दी है जहां बारिश के दिनों में किसी भी तरह की घटना घटित हो सकती है क्षेत्र के पशुपालकों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते हमारी चारागाह भूमि बंजर होती जा रही है चारागाह भूमि कम होने से पशुधन कम हो रहा है. घास और चारे का संकट लगातार बढ़ रहा है. लेकिन चारों तरफ ऐसे ही अवैध खनन होता रहा तो आने वाले समय में पशु धन का क्या होगा कहा नहीं जा सकता
,,,मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है ना ही ग्राम पंचायत से किसी भी प्रकार की स्वीकृति नहीं दी गई है अगर चारागाह भूमि में अवैध खनन किया जा रहा है तो इस पर कार्यवाही की जाएगी