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विश्व गौरैया दिवस पर उदयपुर में भव्य आयोजन

विश्व गौरैया दिवस पर उदयपुर में भव्य आयोजन

गोरैया संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक करने की जरुरत-संभागीय आयुक्त

उदयपुर । संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने कहा है कि एक दौर था जब हमारी सुबह गौरेया की चहचहाहट के साथ शुरू होती थी और संपूर्ण वातावरण सुहावना व आनन्दायक लगता था। लेकिन बदलते दौर में गोरैया हमसे दूर होती गई और आज गोरैया बहुत कम देखने को मिलती है। वर्तमान में गोरैया संरक्षण के लिए हम सबको युवा पीढ़ी को जागरूक करना ही होगा।
संभागीय आयुक्त भट्ट विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर सोमवार को ग्रीन पीपल सोसायटी की ओर से उदयपुर के सूचना केन्द्र में आयोजित विविध कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।  
इस अवसर पर आयोजित समारोह में मौजूद विद्यार्थियों, पर्यावरणविदों, पक्षी विशेषज्ञों एवं अन्य प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गोरेैया हमारे घर आंगन का साथी है और इसके संरक्षण के लिए व्यापक जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्होंने इसके लिए आगामी वर्ष से समस्त विद्यालयों में गोरैया दिवस पर विविध कार्यक्रमों की एक विशेष श्रृंखला आयोजित करने की बात कही और समस्त युवाओं व पर्यावरण प्रेमियों को इसके लिए संकल्पबद्ध होने का आह्वान किया। आयुक्त भट्ट ने इस प्रकार के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रीन पीपल सोसायटी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और आगे से ऐसे आयोजनों को विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों में भी आयोजित करने व सबको सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विपिन माथुर ने पक्षी एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास करने की बात कही। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के लिए टाईगर जैसे बड़े पशु के साथ-साथ गोरैया जैसी छोटी चिड़िया की उपयोगिता एवं उनके संरक्षण पर जोर दिया।
कार्यक्रम संयोजक एवं ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. राहुल भटनागर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और जैव विविधता संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध ग्रीन पीपल सोसायटी के कार्यकलापों के बारे में अवगत कराया।
कार्यक्रम में ग्रीन पीपल सोसायटी के विशेषज्ञ शरद श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे घर आंगन में फुदकने वाली नन्हीं चिरैया के संरक्षण के लिए वैश्विक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने कार्यक्रम में आए विभिन्न स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अपनी वार्ता प्रस्तुत करते हुए पक्षी विशेषज्ञ डॉ. कमलेश शर्मा, उत्कर्ष प्रजापति व डॉ. राम मेघवाल ने विश्व गोरैया दिवस मनाने की आवश्यकता, प्रासंगिकता, मानव व गोरैया अंतर्संबंध और पक्षी संरक्षण विषय पर संभागियों को तथ्यात्मक जानकारी प्रदान दी।
विभिन्न प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी रूचि दिखाई। इस अवसर अर्थ ऑवर 2023 विषयक चित्रकला प्रतियोगिता में महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर की भूमिका झाला प्रथम, अवनि सिंह द्वितीय व यशस्वी परिहार तृतीय स्थान पर रही। वहीं विश्व गौरेया दिवस विषयक आयोजित ऑन स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल की सोनाक्षी सोनी प्रथम, एमडीएस स्कूल की नरल माहेश्वरी द्वितीय एवं विद्याभवन स्कूल की रचना तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता के निर्णायक रिटायर्ड आरएएस दिनेश कोठारी, बाबा आर्ट गेलेरी की निदेशक ममता जोशी व सेवानिवृत व्याख्याता नसीम अहमद थे। अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों के साथ गौरेया व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का सम्मान किया। इस मौके पर एनीमल प्रोटेक्शन सोसायटी की डॉ. माला मट्ठा व अर्थ ब्रिगेड फाउंडेशन की अमृता राठौड़ की तरफ से सभी संभागियों को परिंडों व घौंसलों का वितरण किया गया, वहीं विजेताओं व चुनिंदा संभागियों को इकॉन ग्रुप की तरफ से गोरैया के कृत्रिम घोंसले भी वितरित किए गए। इस अवसर पर वन सुरक्षा समिति सुथार मादड़ा के अध्यक्ष भगवान लाल पालीवाल का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन शालिनी भटनागर ने किया। कार्यक्रम में सोसायटी के वीएस राणा, प्रतापसिंह चुंडावत, सोहेल मजबूर, डॉ.ललित जोशी, प्रदीप सुखवाल, डीएफओ देवेन्द्र तिवारी, रिटायर्ड डीएफओ राजेन्द्र सिंह चौहान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अरूण सोनी, पक्षी प्रेमी देवेन्द्र श्रीमाली, कनिष्ठ कोठारी सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद थे।

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