पैदल मार्च में दिखा सामंजस्य,एकजुट नजर आई जिले की कांग्रेस पार्टी
मणिपुर में महिलाओं,दलितों पर बढ़ते अत्याचार को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का पैदल मार्च
नवलगढ़ । झुंझुनूं। मणिपुर में महिलाओं के साथ बढ़ते अत्याचार को रोकने में विफल भाजपा सरकार के विरुद्ध गुरूवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पैदल मार्च में शामिल जिले के कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। तो वहीं दूसरी ओर इस पैदल मार्च में जिले की कांग्रेस एक जगह नजर आई। हाल ही में नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उनके नेतृत्व में यह पहला संघर्ष कार्यक्रम रहा। जिसमें जिले के गहलोत-पायलट गुट के सातों विधानसभाओं के विधायक, ब्लॉक अध्यक्ष समेत अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस संघर्ष प्रदर्शन में जिले की कांग्रेस का एक होना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मजबूती की ओर बड़ा संकेत है। पैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे पीसीसी महासचिव रामसिंह कस्वां ने कहा कि एक तरफ मणिपुर जल रहा है। और दुसरी तरफ प्रधानमंत्री मौन धारण किए हुए हैं जो अपने आप में देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मणिपुर में महिलाओं, दलितों पर, युवाओं में रोजगार तथा महंगाई समेत अन्य क्षेत्रों में अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं और 36 कौम की जनता को भाजपा की सरकार अनदेखा कर रही है। सुंडा ने कहा कि अत्याचार के खिलाफ का नाम ही कांग्रेस जन हैं। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं वीरों की धरती है और हम गांधीजी के अनुयायी हैं इसलिए आज के दिन पैदल मार्च के द्वारा भाजपा सरकार का उखाड़ फेंकने का संकल्प भी लेते हैं। पिलानी विधायक जेपी चंदेलिया ने कहा कि आज देश में सत्ताधारी भाजपा सरकार हर क्षेत्र में विफल हो रही हैं। मणिपुर जैसे क्षेत्रों में महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की गुंगी बहरी सरकार इन के खिलाफ चेतें। पैदल मार्च में सहप्रभारी मालचंद राजपुरोहित, आईदान भाटी, बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, पीसीसी सदस्य मंडावा सलीम सिगड़ी, पूर्व जिलाध्यक्ष सज्जन मिश्रा, पूर्व सभापति खालिद हुसैन, राजकुमार राठी, सिंघाना चैयरमेन विजय कुमार, गिडानिया ब्लॉक अध्यक्ष सुमेर महला, झुंझुनूं ब्लॉक अध्यक्ष अजमत अली, मंडावा चैयरमेन नरेश सोनी, नवलगढ़ चैयरमेन शोएब खत्री, उपाध्यक्ष कैलाश चोटियां, मुकुंदगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश मेघवाल, नवलगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष संजय सैनी,मीनू सैनी महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी झुंझुनूं अलसीसर ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल, पिलानी अध्यक्ष राजकुमार फौजी, चिड़ावा अध्यक्ष मेहर कटारिया, बुहाना अध्यक्ष महावीर यादव, मंडल अध्यक्षों में से सोनासर मंडल अध्यक्ष शीशराम, अलीपुर संत कुमार, जेजूसर शंकर कपुरिया, चिराना सुरेन्द्र सैनी, जाखल मनोज मूंड, पार्षद लोकेश जांगिड़, पीसीसी सदस्य सुरेन्द्र बेनीवाल, रणजीत चंदेलिया, पंचायत समिति सदस्य ओमप्रकाश बुगालिया, कमल किशोर, जिला परिषद सदस्य धनपत, मीणा समाज जिलाध्यक्ष दिलीप मीणा, अनु महर्षि, मिथुन सबल, विजय मील, रियाज फारूकी, कैलाश पांडेय, आकाश चौधरी, राहुल चाहर, राहुल जाखड़ समेत अन्य शामिल हुए। अंबेडकर पार्क से शुरूआत की-कांग्रेस के पैदल मार्च में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के प्रति भी सम्मान देखा गया। अंबेडकर को आदर्श मानने वाले कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा ने अपने नेतृत्व में पहला संघर्ष कार्यक्रम भी जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर पार्क से शुरू किया। इससे पहले भी सुंडा सरकारी कार्यालयों में अंबेडकर की मूर्ति लगाना और अंबेडकर जयंती पर रक्तदान तथा पौधारोपण करने जैसे सामाजिक कार्य कर चुके हैं।