विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट : नड्डा
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने केंद्रीय बजट को जनकेंद्रित, कल्याणकारी और भविष्यदृष्टा बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है और देश के युवाओं को समर्पित एक समावेशी तथा व्यापक बजट है। उन्होंने इस बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोजी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा उनकी पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। नड्डा ने रविवार को एक वीडियो संदेश में कहा पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसका प्रमाण यह है कि स्वास्थ्य बजट में 176 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹1.05 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बजट में मानसिक स्वास्थ्य पर दिए गए विशेष जोर की सराहना करते हुए कहा कि रांची और तेजपुर स्थित केंद्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन तथा उत्तर भारत में निमहंस जैसे संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव अत्यंत सराहनीय है। इसके साथ ही जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना को उन्होंने पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि औषधि क्षेत्र में भारत को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत करने का निर्णय स्वागतयोग्य है। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से उन्नत जैविक दवाओं और बायोसिमिलर के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान को नई गति देते हुए तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों की स्थापना तथा मौजूदा सात संस्थानों के उन्नयन की घोषणा ऐतिहासिक कदम है। इसके अतिरिक्त रासायनिक उद्योग को मजबूती देने के लिए विभिन्न राज्यों में तीन विशेष केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। नड्डा ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ती गैर-संचारी बीमारियों की चुनौती से निपटने के लिए एलाइड हेल्थकेयर संस्थानों को सशक्त करने का प्रस्ताव भी इस बजट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। साथ ही प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रॉमा एवं आपातकालीन देखभाल केंद्रों की स्थापना से आम नागरिकों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के बजट में की गई उल्लेखनीय वृद्धि से नई दवाओं, टीकों और आधुनिक उपचार तकनीकों के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास की भावना से प्रेरित यह बजट समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान करने, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्रिय भागीदार बनाने का संकल्प दर्शाता है।