होलाष्टक 28 फरवरी से
लक्ष्मणगढ़ । होली का त्योहार आने वाला है। हिंदू धर्म में होली के त्योहार का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है। और उसके अगले दिन चैत्र माह की प्रतिपदा के दिन होली खेली जाती है। वहीं होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं। फिर होलिका दहन के साथ होलाष्टक का समापन होता है। मान्यता है कि होलाष्टक के 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। यदि कोई इन दिनों में शुभ कार्य करता है तो उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह के शुभ और मंगल कार्य करने से बचना चाहिए।
इस वर्ष 7 मार्च 2023 को होलिका दहन किया जाएगा। वहीं होली 8 मार्च को खेली जाएगी। होली के आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं, इसलिए इस साल 28 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहे हैं जो कि 7 मार्च तक रहेंगे।
होलाष्टक में नहीं करने चाहिए ये काम
होलाष्टक में कभी भी विवाह, मुंडन, नामकरण, सगाई समेत 16 संस्कार नहीं करने चाहिए।
इस समय नए मकान, वाहन, प्लॉट या दूसरे प्रॉपर्टी की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।
होलाष्टक के समय में कोई भी यज्ञ, हवन आदि कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। आप चाहें तो ये कार्य होली के बाद या उससे पहले कर सकते हैं।