लेबनान में युद्धविराम की उम्मीद, हिज्बुल्लाह ने अमेरिकी प्रस्ताव को दी मंजूरी
बेरूत। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। लेबनानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हिज्बुल्लाह ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित उस योजना को स्वीकार कर लिया है, जिसमें दोनों पक्षों से एक-दूसरे पर हमले रोकने का आग्रह किया गया है।
यह जानकारी लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में दी गई। बयान के अनुसार, इस मुद्दे पर लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष को कम करने के संभावित उपायों पर चर्चा की।
प्रस्ताव के तहत सबसे पहले बेरूत के दक्षिणी हिस्सों पर होने वाले इजरायली हवाई हमलों को रोकने की बात कही गई है। इसके बदले हिज्बुल्लाह भी इजरायल के खिलाफ रॉकेट और ड्रोन हमले बंद करेगा। बाद के चरण में इस व्यवस्था को पूरे लेबनान में लागू करने की योजना पर काम किया जाएगा।
लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका में तैनात लेबनान की राजदूत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस पहल को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सहमति भी हासिल कर ली है। इसके बाद यह संदेश लेबनानी नेतृत्व और फिर हिज्बुल्लाह तक पहुंचाया गया।
हालांकि कूटनीतिक प्रयासों के समानांतर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इजरायल ने हाल ही में बेरूत के दहिये क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिसे हिज्बुल्लाह का प्रमुख प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इजरायल का कहना है कि यह कदम उसके सैन्य ठिकानों पर बढ़ते ड्रोन और रॉकेट हमलों के जवाब में उठाया गया।
इजरायली सेना के अनुसार, हालिया हमलों में एक सैन्य डॉक्टर की मौत हुई है जबकि कई सैनिक घायल हुए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी लेबनान में इजरायली कार्रवाइयों का विरोध जताते हुए अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए चल रही वार्ताओं को फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
अब मंगलवार और बुधवार को प्रस्तावित बैठकों में युद्धविराम व्यवस्था को अंतिम रूप देने और आगे की प्रक्रिया तय करने पर चर्चा होने की संभावना है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन वार्ताओं पर नजर बनी हुई है, क्योंकि इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जुड़ी हुई है।