IIFL ने किया अपने क्लाइंट्स फंड्स का दुरूपयोग, सेबी ने लिया बड़ा फैसला
सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने ब्रोकरेज फर्म IIFL सिक्योरिटीज पर एक बड़ा फैसला लिया है। सेबी ने आईआईएफएल (इंडिया इंफोलाइन सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड) सिक्योरिटीज को 2 साल तक कोई भी नया कस्टमर जोड़ने से बैन कर दिया है। सेबी ने 2011 से 2017 तक कुल 6 इंस्पेक्शन किए थे और पाया कि IIFL अपने फंड और क्लाइंट के फंड को अलग रखने में फेल रही है। इतना ही नही IIFL ने अपने ग्राहकों के फंड में क्रेडिट बैलेंस का दुरूपयोग किया है और इसके साथ ही अपने ग्राहकों के बैकं खातों को गलत तरीकों से नामित किया है। आईआईएफएल ने क्रेडिट बैलेंस रखने वाले ग्राहकों के फंड का इस्तेमाल खुद के कर्ज जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए किया। इसके परिणाम स्वरूप सेबी ने आईआईएफएल पर यह बड़ा फैसला लिया।
मार्केट रेगुलेटर ने 1 अप्रैल 2011 से लेकर 31 दिसंबर 2013 तक की अवधि के IIFL के अकाउंट्स बुक की जांच कि थी। यह जांच 30 जनवरी से 3 फरवरी 2014 के बीच की गई थी। SEBI ने पाया कि IIFL के चाल-चलन सेबी रेगुलेशन, 1992 के तहत स्टॉक ब्रोकरों के लिए तय आचार संहिता के प्रावधानों के मुताबिक नहीं थे। सेबी ने 19 जून के अपने आदेश में कहा, नोटिस प्राप्तकर्ता ने सेबी के 1993 के सर्कुलर के प्रावधानों का कई तरीकों से उल्लंघन किया है और नियामकीय निर्देशों की अवहेलना कर सर्कुलर के मूल सिध्दांत को भी पूरी तरह से नकारा है। आईआईएफएल अब सेबी के इस फैसले को सैट में चुनौती देने को तैयारी कर रही है।