नवाचारों को नई ऊर्जा के साथ क्रियान्वित करें-जिला कलक्टर
कोटा । जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने मंगलवार को जिले में चल रहे नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियांे को निर्देश दिए कि नवाचारों में और नयापन लाते हुए इन्हें नई ऊर्जा के साथ क्रियान्वित करें ताकि इनके उत्कृष्ट परिणाम आ सकें।
जिला कलक्टर ने सिलिकोसिस रोकथाम के लिए किए जा रहे नवाचार के अन्तर्गत आयोजित शिविरों की समीक्षा करते हुए चिह्नित रोगियों की संख्या एवं उनके उपचार व्यवस्था आदि की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि सिलिकोसिस जांच शिविरांे को और प्रभावी बनाया जाए। इन शिविरों में सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहें और संबंधित विभागीय योजनाआंे से पात्र श्रमिकों को मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। श्रमिकों को शिविर में जनाधार कार्ड लेकर उपस्थित होने के लिए सूचित किया जाए ताकि उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाआंे का लाभ मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का आयोजन पूर्व और पश्चात व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और शिविरों में ऐसी गतिविधियां जोडी जाएं ताकि अधिक से अधिक श्रमिक शिविरों में आ सकें और योजना का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि टीम गठित कर खनन, क्रशर क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए और जांचा जाए कि वहां श्रमिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत नियमों की पालना हो रही है या नहीं।
पोषण और आहार नवाचार की समीक्षा में उन्होंने कुपोषित बच्चों की जानकारी ली जिस पर सीएमएचओ डॉ जगदीश सोनी ने बताया कि गंभीर कुपोषित कोई भी बालक नहीं मिला है, कोई भी बालक कुपोषण उपचार केन्द्र में रेफर नहीं किया गया है। निरोगी कोटा अभियान के अन्तर्गत अमावस्या टीकाकरण की समीक्षा कर शत्-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उप निदेशक सांख्यिकी जेपी महावर, सीएमएचओ डॉ जगदीश सोनी, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ओपी तोषनीवाल, खनि अभियंता, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिला कलक्टर ने सिलिकोसिस रोकथाम के लिए किए जा रहे नवाचार के अन्तर्गत आयोजित शिविरों की समीक्षा करते हुए चिह्नित रोगियों की संख्या एवं उनके उपचार व्यवस्था आदि की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि सिलिकोसिस जांच शिविरांे को और प्रभावी बनाया जाए। इन शिविरों में सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहें और संबंधित विभागीय योजनाआंे से पात्र श्रमिकों को मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। श्रमिकों को शिविर में जनाधार कार्ड लेकर उपस्थित होने के लिए सूचित किया जाए ताकि उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाआंे का लाभ मिल सके। जिला कलक्टर ने कहा कि इन शिविरों का आयोजन पूर्व और पश्चात व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और शिविरों में ऐसी गतिविधियां जोडी जाएं ताकि अधिक से अधिक श्रमिक शिविरों में आ सकें और योजना का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि टीम गठित कर खनन, क्रशर क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए और जांचा जाए कि वहां श्रमिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत नियमों की पालना हो रही है या नहीं।
पोषण और आहार नवाचार की समीक्षा में उन्होंने कुपोषित बच्चों की जानकारी ली जिस पर सीएमएचओ डॉ जगदीश सोनी ने बताया कि गंभीर कुपोषित कोई भी बालक नहीं मिला है, कोई भी बालक कुपोषण उपचार केन्द्र में रेफर नहीं किया गया है। निरोगी कोटा अभियान के अन्तर्गत अमावस्या टीकाकरण की समीक्षा कर शत्-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उप निदेशक सांख्यिकी जेपी महावर, सीएमएचओ डॉ जगदीश सोनी, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता ओपी तोषनीवाल, खनि अभियंता, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।