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सत्संग प्रवचनो के माध्यम से बताया वीरल वामन देवता का महत्व

सत्संग प्रवचनो के माध्यम से बताया वीरल वामन देवता का महत्व

अजमेर. गुरूवार को सन्त साध्वी माता गीता ज्योति ने वामन देवता वीरल देवता की कथा का श्रवण करवाते हुए बताया कि वामन अवतार को वीरल देवता के रूप में पूजन आरती और उनकी कथा का पाठ करके स्मरण करके मनाये जाने में विधि विधान से पूजन किया जाये तो अनेक लाभ होते है।माता गीता ज्योति ने बताया कि वीरल देवता का पूजन व्यापार की सफलता हेतु किया जाता है।श्री अखिल भारतीय वेदान्त प्रचार मण्ड एवं माता ज्ञान ज्योति उदासीन आश्रम के मुख्य प्रवक्ता रमेश लालवानी ने बताया कि माता गीता ज्योति के द्वारा कमला बावडी स्थित वेदान्त सत्संग भवन में अपने प्रवचनो में बताया कि वीरल ब्रहस्पति देवता को वामन अवतार के रूप में भी जाना जाता है उनकी पूजा से परिवार में खुशहाली आती है एवं कल्याण होता है।अजयमेरू सेवा समिति के अध्यक्ष किशोर विधानी,श्रीमती लत्ता भैरूमल बच्चानी,राजेश झूरानी,कन्हैया लाला गंगवानी और अजयमेरू सेवा समिति के संस्थापक व महासचिव रमेश लालवानी ने बताया कि वामन देवता को विस्पत देवता एवं वीरल देवता के नाम से परिवारो में भी कथा का श्रवण करके मनायया जाता है।

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