योजना भवन से 2.31 करोड़, 1 किलो सोना जब्त
जयपुर सचिवालय के पीछे है ऑफिस; DOIT के जॉइंट डायरेक्टर के घर छापेमारी
जयपुर . जयपुर में सचिवालय के ठीक पीछे योजना भवन के बेसमेंट की बंद पड़ी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी और एक किलो सोना बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है।
योजना भवन के सात कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अलमारी में रखे ट्रॉली सूटकेस में 2000 और 500 के नोट थे। इतनी बड़ी तादाद में नकदी और सोना किसने रखा, इसकी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस ने DOIT के जॉइंट डायरेक्टर वेद प्रकाश यादव के घर पर छापेमारी की और हिरासत में लिया। ये पैसा और सोना रिश्वत का हो सकता है।
योजना भवन में IT विभाग, जन आधार प्राधिकरण जैसे संवेदनशील विभागों के ऑफिस हैं। सरकारी विभाग की अलमारी से करोड़ों की नकदी और सोना मिलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों के साथ कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सामने आने के बाद मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को घटना का ब्योरा दिया है। इस केस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि UID से जुड़ा एक अफसर इस घटनाक्रम में शक के दायरे में है।
सूटकेस में मिली नकदी और सोना
जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के मुताबिक जिस बेसमेंट से नकदी और सोना मिला है, वहां ई-फाइलिंग प्रोजेक्ट के तहत फाइलों को स्कैन करके उन्हें डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। वहां दो अलमारियां बंद थीं, कर्मचारियों को उनकी चाबियां नहीं मिल रही थीं। उन्होंने अलमारियों को लॉक तोड़कर खोला।
एक अलमारी में फाइलें मिलीं, जबकि दूसरी अलमारी में एक ट्रॉली सूटकेस मिला। इस सूटकेस में करीब 2 करोड़ 31 लाख की नकदी और एक किलो सोने का एक बिस्किट था। इसके बाद कर्मचारियों ने अशोक नगर थाने को सूचना दी। पुलिस ने नकदी और सोना जब्त कर लिया है।
योजना भवन के अफसर-कर्मचारी शक के दायरे में, लंबे समय से बंद थी अलमारी
इस जब्ती के पीछे योजना भवन के विभागों के अफसर-कर्मचारी शक के दायरे में हैं। पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाकर जांच शुरू की है। सात कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बेसमेंट में जाने-आने वालों के CCTV फुटेज भी देखे जा रहे हैं।
जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने पूरे मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है। उनका कहना है कि सरकारी विभागों का पैसा ट्रैजरी और बैंकों में जमा होता है, इस तरह लंबे समय तक बिना ब्योरे के फाइलों के साथ नहीं रखा जाता। ऐसे में यह विभाग का पैसा तो नहीं है। जिस अलमारी से नकदी और सोना बरामद हुआ, वह कई महीनों से बंद पड़ी थी।
योजना भवन के विभाग इस पैसे की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
योजना भवन के जिस बेसमेंट की अलमारी से यह नकदी और सोना मिला है उसमें और भी अलमारियां थीं। इस अलमारी में मिली नकदी को लेकर सभी विभाग चुप हैं। योजना भवन में कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।