सरकारी स्कूलों में दूसरा इंटरेक्टिव बोर्ड लगना शुरू
रतनगढ़। श्री गांधी बाल निकेतन में हुई बैठक में 10 बोर्ड हेतु चयनित संस्थाओं के प्रधानों ने अपने अनुरोध पत्र प्रदान किये। योजना के रचनाकार बाल निकेतन के सचिव राजीव उपाध्याय ने बताया कि उनके पिता शिक्षाविद् चम्पालाल उपाध्याय ने जीवनभर क्षेत्र के शैक्षिक विकास के लिए कार्य किया इसी परम्परा को आगे बढ़ाने की दृष्टि से यह योजना बनाई गई है। योजना के तहत 149 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले क्षेत्र के सभी 86 सरकारी विद्यालयों में एक करोड़ अठाईस लाख अस्सी हजार रूपये की लागत से अत्याधुनिक तकनीक से शिक्षा उपलब्ध करवाने हेतु 75 इंच के इंटरेक्टिव बोर्ड लगवाये जा चुके हैं। परियोजना के दूसरे चरण में उक्त सरकारी स्कूलों में भामाशाहों के सहयोग से दूसरा इंटरेक्टिव बोर्ड लगाना प्रारम्भ किया गया है। जिस पर करीब एक करोड़ बीस लाख रूपये की लागत आयेगी। 10 बोर्ड हेतु नई दिल्ली प्रवासी भामाशाह जोधराज बैद ने राशि रूपये चौदह लाख उपलब्ध करवाये हैं। इस राशि से लसेड़ी के सरकारी विद्यालय में दो तथा रतनगढ़ के पंडितपुर, बापुनगर, लोहा के महात्मा गांधी विद्यालयों, संचियालाल बैद बालिका विद्यालय, उमावि ज्योति व नवीन गौरीसरियों की ढ़ाणी, सेठ बंशीधर जालान तथा सेठ नागरमल बाजोरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक - एक बोर्ड की स्थापना की जायेगी। इस अवसर पर पूर्व सीबीईओ कुलदीप व्यास, प्रधानाचार्य ओंकारमल शर्मा, बाबूलाल सांखोलिया, राम निवास बोयल, जगदीश प्रसाद शर्मा, रामचन्द्र माली, विशाल गुप्ता एवं पाबूसिंह राजपूत उपस्थित थे।