बाल विवाह की रोकथाम के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी
कोटा । जिले में आगामी अक्षय तृतीय (आखातीज), पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों में बाल विवाह होने की सम्भावना को देखते हुए जिला कलक्टर ने आदेश जारी कर बाल विवाह की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।
जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी अपने क्षेत्र में भ्रमण करेंगे तथा अधीनस्थ फील्ड कार्मिकों को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर बाल विवाह रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पाबंद करेंगे। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कार्मिक एवं मानदेय कार्मिक भी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने नगर निगम, नगरपालिका क्षेत्र के अधिकारी भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में अभियान चलाकर तथा पोस्टर, बेनर लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि विद्यालयों में बाल-विवाह के दुष्परिणाम व इससे संबंधित विधिक प्रावधानों के बारे में बच्चों को जानकारी दें। पुलिस विभाग अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिलने पर बाल विवाह करवाने तथा बाल विवाह को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही करें।
जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी अपने क्षेत्र में भ्रमण करेंगे तथा अधीनस्थ फील्ड कार्मिकों को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर बाल विवाह रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पाबंद करेंगे। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कार्मिक एवं मानदेय कार्मिक भी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने नगर निगम, नगरपालिका क्षेत्र के अधिकारी भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में अभियान चलाकर तथा पोस्टर, बेनर लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि विद्यालयों में बाल-विवाह के दुष्परिणाम व इससे संबंधित विधिक प्रावधानों के बारे में बच्चों को जानकारी दें। पुलिस विभाग अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना मिलने पर बाल विवाह करवाने तथा बाल विवाह को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही करें।