अंतर्राष्ट्रीय मूर्तिकला शिविर का समापन आज
ललित कला अकादमी अध्यक्ष रहेंगे मौजूद
उदयपुर । राजस्थान ललित कला अकादमी तथा कामन कला संस्थान का साझा कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय मूर्तिकला शिविर उदयपुर के निकट बड़गाव में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश विदेश के मूर्तिकार जनजातीय संस्कृति को पाषाण पर आकार दे रहे हैं। 1 मार्च से प्रारंभ इस शिविर आज रविवार को समापन होगा। शिविर में विभिन्न कलाकारों, कलाप्रेमियों, अधिकारी वर्ग तथा स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।
कलाकारों ने लिया होली का आनंद
आयोजक समिति के अध्यक्ष डॉ. चिमन डांगी ने बताया कि 12 दिवसीय शिविर के अंतर्गत कलाकारों ने न केवल कला साधना की है अपितु रंगोत्सव का भी आनंद लिया। कलाकारों ने होली के पर्व को स्थानीय लोगों के साथ अत्यंत उल्लास से मनाया। स्थानीय लोगों ने देश विदेश की इन कलाकारों के साथ राजस्थानी परंपरा के अंतर्गत होली पर खेले जाने वाले गैर का भी आनंद लिया।
कलाकारों ने उदयपुर का किया भ्रमण
उदयपुर देशी विदेशी पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र रहता है तथा यहां की सांस्कृतिक विशेषताओं से रूबरू होने के लिए शिविर के अंतर्गत भाग ले रहे कलाकारों ने अत्यंत उत्साह दिखाया और उदयपुर को कलात्मक दृष्टिकोण से वैश्विक पटल पर महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
शिविर में निर्मित की जा रही कलाकृतियों में जनजातिय संस्कृति की झलक देखी जा सकती हैं। इन कलाकारों के अतिरिक्त स्थानीय ग्रामीण एवं बच्चों ने भी शिविर में अपनी सक्रिय उपस्थिति दी है।
अफ्रीका, कनाडा सहित कई दूर-सुदूर इलाकों से पहुंचे कलाकर
कला शिविर में मूर्तिकार सीपी चौधरी उदयपुर, जोर्ग वॉन बेल्जियम, टैमलीन अफ्रीका, कांति परमार, भूपत डूडी जोधपुर, पत्तिआना वितेपिया कनाडा, प्राची अग्रवाल लखनऊ, कुशाग्र जैन बांसवाड़ा, हरनाथ महतो, निलेश सिद्धपुरा गांधीनगर, मनोज कुमार कलोशिया उदयपुर, श्यामसुंदर सुथार तथा विजेंद्र सिंह देवरा उदयपुर द्वारा पत्थर की मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है जिनके द्वारा निर्मित मूर्तियों का प्रदर्शन भी आज समापन समारोह में किया जाएगा। इसके पश्चात भी यह मूर्तियां विभिन्न स्थलों पर प्रदर्शन हेतु लगाई जाएंगी। कार्यक्रम का समापन राजस्थान ललित कला अकादमी के अध्यक्ष की उपस्थिति में होगा।