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राजगढ धाम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, अखण्ड़ ज्योति का विधिवत हुआ समापन

राजगढ धाम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, अखण्ड़ ज्योति का विधिवत हुआ समापन

नसीराबाद. मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर शुक्रवार को चैत्र नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला नवमी रात्री से ही हो गया बाबा भैरव व माँ कालिका के जयघोष के साथ मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की पूजा-अर्चना कर बाबा भैरव व माँ कालिका की आरती की गई। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया की चैत्र नवरात्रा महोत्सव में श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ चैरीटेबल ट्रस्ट द्वारा आने वाले श्रद्धालुओ के लिये विशेष व्यवस्थाये की थी। साथ ही अजमेर विकास प्राधिकरण के द्वारा छाया हेतु टेन्ट व लाईटो के प्रबंध किय गये वही पुलिस प्रशासन द्वारा 10 दिनो तक विशेष पुलिस बल तैनात किया गया,चिकित्सा विभाग द्वारा मेडिकल की टीम लगाकर व्यवस्था की गई। मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा चैत्र नवरात्रा मेला महोत्सव पर दस दिनो तक चली अखण्ड़ ज्योति का प्रातःकाल विधिवत समापन किया गया
समापन के पश्चात धाम पर आये हुए सभी श्रद्वालुओ को बाबा भैरव ने अपने कर कमलो से सभी को दशम तक चली अखण्ड ज्योति की विशेष रामबाण ओषधी रूपी चिमटी (भभूत) का वितरण किया गया। धाम पर यह अखण्ड़ ज्योति निरन्तर 24 घण्टे चलती रही जो कि लगातार 9 दिनो तक प्रज्जवलित रही। इस अखण्ड़ ज्योति की विशेषता यह है कि जिस पात्र में इसको प्रज्जवलित किया जाता है उसमे हजारो नारियल की संख्या में नारियल की चिटक, कई पीपे तेल के व धूप हवन सामग्री ड़ालने पर भी यह पात्र कभी भरता नही है। इस अखण्ड़ ज्योति के दर्शन मात्र से ही आये हुए सभी श्रद्वालुओ के रोग कष्ट बाधाए आदि दूर हो जाते
धाम पर आये श्रद्वालुओ ने सर्वधर्म मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर बाबा भैरव से अपनी मन्नत मांगी। नवमी की रात्री मे भजन गायक ज्याति सैनी, ममता सोनी एवं नरेश दगदी ने अपनी मधुर आवाज में भैरू जी नाना रे नाना,दरबार है निराला काली के लाल का,अब तो आजा रे भैरू जी,मैया रानी तो छिप रही पहाड़ा मे,आजा ये भवानी,राजगढ मे लाग्यो दरबार,झीणी झीणी उडे रे गुलाल आदि भजनो को सुनकर मंत्रमुग्ध होकर झूम झूम कर नाचने लगे।
राजगढ़ गांव की और से झंडा चढ़ाया गया
राजगढ़ धाम पर चैत्र नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह से पूर्व नवमी की रात्री में गांव राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से बाबा भैरव नाथ व मां कालिका के झंड़ा चढाया गया। झंडा रात्री 8 बजे ग्राम राजगढ़ सदर बाजार से प्रारम्भ होकर ढोल ढमाको पर नाचते गाते झुमते हुए चक्की वाले बाबा के मंदिर पर धोक लगाई फिर वही से जुलुस के रूप में ग्रामवासी नाचतें गाते मुख्य मंदिर सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ पर चल रही अखण्ड़ ज्योति स्थल पर पहुंचे जिसके बाद ठाकर प्रेम सिंह गौड़ के नेतृत्व में कमल नागौरा,श्याम सेन,कमल शर्मा,गणपत सिंह, पाँचू माली,हरी माली,सदानन्द विश्वास,रामदेव माली,मोनू गुर्जर,भाचन्द माली,मुकेश खीची,आदि राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का साफा व शॉल ओढाकर भव्य स्वागत किया गया। चैत्र नवरात्रा मेले के दौरान सुचारू व्यवस्था संभालने में व्यवस्थापक ओमप्रकाश सैन, रमेश चन्द सेन, अविनाश सैन, प्रकाश रांका, राहुल सैन, के साथ, पदम जैन,राजू चावड़ा,कमल शर्मा, टी.एस. राणावत, मनोहर सिंह, धर्मेन्द्र, सुरेश दायमा, तिलोक जटिया, महेन्द्र रावत, रामसिंह बाबल, मोहन छीपा, शंकर महावर, कैलाश सेन, श्रवण रावत, चेतन आनन्द, पुनीत जांगीड़, शंकरनाथ, पदमचन्द जैन, सुरेश गुर्जर,महेश वरजानी,बाबू भाई,सुरेश काकाणी,रामप्रसाद मोर्य,अजीत चौधरी,हंसराज भडाणा, अमिताभ, पंकज सेन, रामप्रसाद जाग्रत, भूपेन्द्र, मनीष, कन्हेया लाल, देवानन्द, योविनेश, रामलाल, अजय, विनय,ओममाली आदि का विशेष योगदान महत्वपूर्ण रहा।

 

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