जयपुर: पुस्तकें साहित्यिक संवाद को जीवंत रखती हैं : डॉ. सत्यनारायण
जयपुर। कलमकार मंच और पिंकसिटी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में चार लेखकों की नई कृतियों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकार दिनेश ठाकुर के ग़ज़ल संग्रह ‘ख़ामोशी इक मुश्किल फ़न है’, राजेश शर्मा के उपन्यास ‘अत्रैव घुश्मेश्वरः यहीं है घुश्मेश्वर’, भागचन्द गुर्जर के नाट्य संग्रह ‘ऊपरी हवा और अन्य नाटक’ तथा इन्दु सिन्हा ‘इन्दु’ के कहानी संग्रह ‘डिजिटल युग का डोकरा’ का लोकार्पण हुआ। मुख्य वक्ता वरिष्ठ कथाकार डॉ. सत्यनारायण ने कहा कि ऐसे साहित्यिक मंच नई पुस्तकों के माध्यम से पढ़ने की संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं और साहित्यिक संवाद को निरंतर जीवंत बनाए रखते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार फारुक आफरीदी ने पुस्तकों की सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की। वहीं वरिष्ठ आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने लेखक–प्रकाशक संबंधों में पारदर्शिता और पारस्परिक विश्वास की आवश्यकता पर जोर दिया। वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार विनोद भारद्वाज ने राजस्थान के साहित्यिक परिदृश्य में कलमकार मंच की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। चरणसिंह पथिक ने नई पुस्तकों के आगमन को साहित्यिक उत्सव की संज्ञा दी। कार्यक्रम में पुस्तकों पर समीक्षात्मक टिप्पणियां भी प्रस्तुत की गईं। प्रेस क्लब अध्यक्ष ने स्वागत और महासचिव ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार और पाठक समारोह में उपस्थित रहे।