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2 जुलाई से होगा जयपुर सेंटर ऑफ आर्ट एंड कल्चर का शुभारंभ

2 जुलाई से होगा जयपुर सेंटर ऑफ आर्ट एंड कल्चर का शुभारंभ


90 वर्षीय लिविंग मास्टर हिम्मत शाह के शो के साथ आगाज
बेशकीमती कलाकृतियों की लगेगी प्रदर्शनी



जयपुर . कलाकारों के लिए बड़ी खुशखबर है। अपने आर्ट वर्क को प्रदर्शित करने और विभिन्न कलात्मक व सांस्कृतिक आयोजन करने के लिए बेहतरीन जगह की उनकी तलाश खत्म हो गयी है। जयपुर के रानी सती नगर स्थित ‘जयपुर सेंटर ऑफ आर्ट एंड कल्चर (जेसीसीए)’ कलाकारों की हर जरूरत को पूरा करेगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित जेसीसीए का उद्घाटन 2 जुलाई, 2023 को होने जा रहा है। खासियत यह है कि विश्व स्तर पर पहचान रखने वाले सुप्रसिद्ध शिल्पी व चित्रकार लिविंग मास्टर हिम्मत शाह के शो के साथ जेसीसीए अपना सफर शुरू करने जा रहा है। 2 जुलाई, 2023 से शुरू होने वाला यह शो 'अंडर दी मास्क' 31 अक्टूबर, 2023 तक चलेगा। इसमें हिम्मत शाह के कलात्मक सफर को जाहिर करने वाली बेशकीमती कलाकृतियां पेश की जाएंगी। कोलकाता के मशहूर क्यूरेटर ज्योतिर्मय भट्टाचार्य शो का क्यूरेशन करेंगे। जेसीसीए डायरेक्टर मोनिका शारदा ने कहा कि यह सेंटर हर विधा के कलाकारों के लिए खुला है, यह विशेष तौर पर मॉर्डन और कंटेम्पररी आर्ट के लिए सशक्त मंच बनकर उभरेगा। बकौल मोनिका नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए 'अंडर दी मास्क' शो कुछ नया सीखने का बड़ा मौका है।

जेसीसीए जो है सबसे जुदा...

जेसीसीए विभिन्न कला विधाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सेंटर है। विश्व की कला विविधता को अपने में समायोजित करने को तैयार जेसीसीए एक ऐसा मंच है जहां प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं, शैक्षणिक गतिविधियों व अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों के आयोजन से कला व कलाकारों को बढ़ावा दिया जाएगा। जेसीसीए इंटीरियर और आर्किटेक्चर  का बेजोड़ उदाहरण है। इसकी बनावट में कलाकारों की हर जरूरत का ध्यान रखा गया है। लाल पत्थर के साथ गुलाबी नगरी की चमक बिखेरने वाले चार मंजिला सेंटर में स्पेशल लाइट सिस्टम वाले एयर कंडीशन हाॅल जो आर्ट वर्क पेश करने के लिए बेहतरीन है, इनमें मूवेबल वाॅल्स भी है। इसी के साथ आर्ट कैफे, टेरिस गार्डन, मेडिटेशन रूम, प्रोजेक्टर रूम अन्य सुविधाएं है। जेसीसीए हरियाली के साथ आपको एक नैसर्गिक माहौल उपलब्ध करवाता है जहां सोलर पैनल बिजली जनरेट कर रहे हैं वहीं वर्षा जल सिंचित करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी है। कलाकारों के रहने के लिए यहां भवन तैयार किया जा रहा है।


‘अंडर दी मास्क’ खोलेगा कला जगत के राज
 
लिविंग मास्टर हिम्मत शाह जुलाई माह में 90 वर्ष के होने जा रहे है। 2 जुलाई से 31 अक्टूबर तक चलने वाला शो ‘अंडर दी मास्क’ वयोवृद्ध कला साधक शाह के जन्मदिन के जश्न के रूप में मनाया जा रहा है। यह एक कलात्मक सफर को बयां करेगा जो लिविंग मास्टर हिम्मत शाह ने कोरोना काल में तय किया है। इसमें प्रदर्शित की जाने वाली 300 कंटेंपररी पेंटिंग्स हिम्मत शाह की निर्विचार कलात्मक दुनिया का प्रतिबिंब है। शो की खास बात यह है कि हिम्मत शाह के चुनिंदा नए स्कल्पचर्स को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा, इनमें से कुछ स्कल्पचर्स में डायमंड का भी प्रयोग किया गया है। शो के दौरान हिम्मत शाह पर आधारित किताब का विमोचन भी किया जाएगा, साथ ही डाक्यूमेंट्री ‘पोट्रेट ऑफ दी आर्टिस्ट बायोग्राफी’ भी दिखायी जाएगी। ज्योतिर्मय भट्टाचार्य शो का क्यूरेशन करेंगे।    


लिविंग मास्टर हिम्मत शाह...

हिम्मत का जन्म 22 जुलाई, 1933 को भावनगर, गुजरात के लोथल गांव में हुआ। 10 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया और कभी मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने चित्रकारी की प्रारंभिक शिक्षा जग्गुभाई शाह से हासिल की। बाद में उन्होंने महाराज सयाजीराव यूनिवर्सिटी, वडोदरा से शिक्षा हासिल की। वे अगस्त ,1960 में स्थापित 'ग्रुप 1890' का हिस्सा भी रहे। जे. स्वामीनाथन के नेतृत्व वाले इस समूह में एक दर्शन दिग्गज कलाकार थे। फिर फ्रेंच सरकार की ओर से फैलोशिप हासिल कर वे सन् 1966 में पेरिस पहुंचे। भारत लौटकर वे फिर अपने काम में जुट गए। 1970 के शुरुआती दौर में उन्होंने सिल्वर पेंटिंग्स बनाना शुरू किया। सन् 1970 में कोणार्क गैलेरी में इनकी प्रदर्शनी लगायी गयी। सिल्वर पेंटिंग्स के बाद हिम्मत ने टेराकोटा शिल्पों को साकार करना शुरू किया। उन्हें अपने टेराकोटा हैड्स, बर्न्ट पेपर कोलाज, लाइन स्कैच के लिए जाना जाता है। सन् 1959 और 1962 में उन्हें पेंटिंग्स के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। सन् 1961 में जम्मू-कश्मीर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल और 1962 में बॉम्बे आर्ट सोसायटी के अवॉर्ड समेत उन्होंने कई पुरस्कार अपने नाम किए हैं। पिछले दो दशक से वह जयपुर में रहकर कला साधना कर रहे हैं।

क्यूरेटर ज्योतिर्मय भट्टाचार्य के बारे में

कोलकाता के ज्योतिर्मय भट्टाचार्य प्रसिद्ध क्यूरेटर है। बैंगलोर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की जहाँ उन्होंने जोगेन चौधरी की एकल प्रदर्शनी के साथ अन्य शो का क्यूरेशन किया। इसके बाद उन्होंने बंगाल आर्ट पर रीसर्च की। इस दौरान भी उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शो का क्यूरेशन किया। इनमें वुडकट महाभारत इन 19 सेंचुरी बंगाल, ड्राइंग्स ऑफ जैमिनी रॉय आदि शामिल है। उन्होंने मैथोलॉजिकल आयल पेंटिंग्स इन 19 सेंचुरी बंगाल समेत कई किताबें भी लिखी है।

मोनिका शारदा, फाउंडर पार्टनर, जेसीसीए (ए यूनिट ऑफ ग्रीन सी)

जेसीसीए डायरेक्टर मोनिका शारदा स्वयं एक ख्यात शिल्पकार और चित्रकार हैं। इस क्षेत्र में वे 20 वर्ष से कार्यरत है। राजस्थान विश्वविद्यालय से उन्होंने फाइन आर्ट में मास्टर्स की है। कला जगत में उनके अद्वितीय योगदान के चलते उन्हें राजस्थान ललित कला अकादमी के स्टेट अवाॅर्ड, 2023 से सम्मानित किया गया है। मोनिका सशक्त कलात्मक स्तंभ के रूप में जेसीसीए को मजबूती प्रदान कर रही हैं, कला को बढ़ावा देने के लिए उनका शोध कार्य भी जारी है।

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