जैसलमेर जिला प्रशासन जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर सतर्क
- निरीक्षण कर असुरक्षित विद्यालय भवनों को स्थानांतरित करने एवं आवश्यक मरम्मत के निर्देश
जैसलमेर। वर्षा के कारण जिले के कुछ विद्यालयों एवं सरकारी भवनों की जर्जर स्थिति के मद्देनज़र विद्यार्थियों एवं आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जैसलमेर जिला प्रशासन ने त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला कलक्टर प्रताप सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसा राम के नेतृत्व में विशेष जांच दलों का गठन कर विद्यालयों भवनों का सघन निरीक्षण करवाया गया। इन दलों में सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर परिषद, डिस्कॉम, वाटरशेड, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागीय अभियंताओं को शामिल किया गया। दलों ने उपखंड अधिकारियों के निर्देशन में जैसलमेर की विभिन्न ग्राम पंचायतों की विद्यालयों का संघन निरीक्षण किया।
विद्यालय भवनों की सुरक्षा जांच के तहत समग्र निरीक्षण- निरीक्षण के दौरान अभियंताओं ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न माप दंडों को दृष्टिगत इन विद्यालय भवनों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों के कक्षों, दीवारों, गेट, छतों, पानी के टांकों, शौचालयों, विद्यालय के परिसर सहित सम्पूर्ण क्षेत्रों का गहन अध्ययन एवं जांच की। साथ ही, विद्युत मोटर लगे टांकों की तरफ बच्चों को नहीं जाने देने के निर्देश दिए। इस दौरान पानी के रिसाव, वॉटर प्रूफिंग की स्थिति, छतों की मजबूती, पानी की निकासी की उचित व्यवस्था और नियमित सफाई जैसे बिंदुओं की गहनता से जांच की गई। साथ ही शेड की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत उपकरणों की स्थिति, पानी के टैंकरों की व्यवस्था, शौचालयों की स्वच्छता एवं उपयोगिता का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण दलों को यह भी निर्देशित किया गया कि विद्यालय परिसरों में मौजूद संभावित दुर्घटना स्थलों जैसे खुले सोख्ता कुएं, चालू मोटर पंप, असुरक्षित उपकरणों या निर्माण स्थलों के आसपास छात्रों की आवाजाही को रोका जाए एवं ऐसी जगहों को चिन्हित कर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। जैसलमेर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थित विभिन्न विद्यालयों के निरीक्षण के बाद लगभग 70 से अधिक विद्यालयों की स्थिति जर्जर पाई गई। साथ ही, लगभग 2100 से अधिक विद्यालय कक्षों को क्षतिग्रस्त अर्थात असुरक्षित पाया गया, इन जर्जर कमरों में कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। निरीक्षण के उपरांत जिन विद्यालय भवनों एवं कक्षों को जर्जर पाया गया, उन पर ताला लगाने एवं रेड क्रॉस लगाने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों को समीपवर्ती सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जा सकता था, वहां विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से स्थानांतरित कर शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रखा गया है। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय परिसरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए एवं जहां कहीं भी मरम्मत या रखरखाव की आवश्यकता हो, वहां सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन आमजन से अपील की है कि किसी भी जर्जर या संदिग्ध भवन की सूचना संबंधित जिला प्रशासन, उपखंड या पंचायत स्तर के अधिकारियों को तुरंत प्रदान करें, ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।