नवरात्रि पर्व के तीसरे दिन जसोल धाम हुआ भक्तिमय
जसोल. राणी भटियाणी मंदिर संस्थान (जसोल) मंदिर परिसर में
नवरात्रा पर्व के तीसरे दिन माँ चन्द्रघंटा की पूजा वैदिक मंत्रोचार व विधि-
विधान से की गई| नवरात्रि का तीसरा दिन माँ चंद्रघंटा को समर्पित है इस
दिन पूरे विधि-विधान से माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है माँ चंद्रघंटा को
मान्यतानुसार बेहद शान्तिदायक और कल्याणकारी माना जाता है जो
भक्त माँ चंद्रघंटा का पूजन करते है उन्हे आध्यात्मिक शक्ति मिलती है
और उन पर माँ चंद्रघंटा की विशेष कृपा बरसती है| माँ चन्द्रघंटा का
स्वरूप हाथों में तलवार, त्रिशुल, गदा व धनुष धारण किए है|
संस्थान द्वारा भूमि दानवीरों का किया गया बहुमान-स्वर्गीय शेरसिंह के
परिवार से माता राणी भटियाणी के दर्शन हेतु पधारे ठा. भगवतसिंह, ठा.
ईश्वरसिंह, ठा. समंदरसिंह को श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान
अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल व प्रबंधन कमेटी सदस्य फतेहसिंह
जसोल द्वारा माला, साफा व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया|
इस अवसर पर कुं. हरिश्चंद्रसिंह जसोल, संस्थान मैनेजर जेठूसिंह, संस्थान
सुपरवाइजर भोपालसिंह, नखतसिंह व संस्थान कर्मचारी गिरधारीसिंह
केशुम्बला मौजूद रहे|