डीडवाना से जितेंद्र सिंह जोधा बने भाजपा के उम्मीदवार
डीडवाना। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी, मगर इस सूची में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान की डीडवाना से टिकट काट दी है। यह लगातार दूसरा मौका है जब भाजपा ने यूनुस खान को डीडवाना से उम्मीदवार नहीं बनाया है। बल्कि अपने 2018 के प्रत्याशी जितेंद्र सिंह जोधा को ही दूसरी बार प्रत्याशी बनाया है।
इस घटनाक्रम के बाद डीडवाना में कहीं खुशी और कहीं गम वाला माहौल है। जितेंद्र सिंह जोधा को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर दौड़ गई और उन्होंने जमकर आतिशबाजी करते हुए खुशी जाहिर की, वहीं पूर्व मंत्री यूनुस खान के समर्थकों में मायूसी छा गई। यूनुस खान के स्थानीय निवास और कार्यालय में सन्नाटा पसर गया, वहीं कई कार्यकर्ता गमगीन हो गए। गौरतलब है कि पूर्व मंत्री यूनुस खान डीडवाना से भाजपा की टिकट के सबसे प्रबल दावेदार थे और माना जा रहा था कि अबकी बार उन्हें टिकट मिल सकता है। मगर भाजपा ने इन कयासों को दरकिनार करते हुए यूनुस खान की बजाय जितेंद्र सिंह जोधा को दूसरी बार प्रत्याशी घोषित कर दिया आपको बता दें कि यूनुस खान प्रदेश भाजपा का इकलौता मुस्लिम चेहरा थे, जिन्हें भाजपा ने पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। युनूस खान डीडवाना से भाजपा का खाता खोलने वाले एकमात्र नेता थे। उन्होंने ही डीडवाना से भाजपा को दो बार जीत दिलाई थी। वे डीडवाना से चार बार भाजपा के प्रत्याशी रह चुके हैं। जबकि पिछली बार उन्हें डीडवाना की बजाय टोंक में सचिन पायलट के सामने चुनाव लड़ने भेज दिया गया था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। जबकि यूनुस खान के स्थान पर जितेंद्र सिंह जोधा को भाजपा ने मैदान में उतारा था, मगर जितेंद्र सिंह को भी 40 हजार वोटो के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार फिर भाजपा ने यूनुस खान की बजाय जितेंद्र सिंह को ही चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में देखना होगा कि भाजपा का यह दांव कितना सफल होता है । वही जितेंद्र सिंह जोधा 4 नवंबर को भाजपा उम्मीदवार के नाते अपना नामांकन दाखिल करेंगे।