Dark Mode
जोधपुर: पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा - सफलता की कहानी

जोधपुर: पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा - सफलता की कहानी

दिव्यांग छात्र को मिला नया सहारा, अब शिक्षा की राह होगी आसान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गणेशाराम को सौंपी इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल

जोधपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत ग्राम पंचायत दईजर (पंचायत समिति केरू) में आयोजित जनकल्याण शिविर में एक अनमोल क्षण तब देखने को मिला जब देसुरिया करवड़ निवासी गणेशाराम को माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कर-कमलों से इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल प्राप्त हुई। गणेशाराम, जो सुचेता कृपलानी महाविद्यालय में बी.ए. तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है, दोनों पैरों से दिव्यांग है। कॉलेज उसके गांव से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मे गणेशाराम के पिता वृद्ध हैं और परिवार की आजीविका का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। कॉलेज जाने के लिए उसे अब तक कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदान की गई इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त सहायता योजना के अंतर्गत दी गई है, जिससे गणेशाराम के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। साइकिल प्राप्त करते हुए गणेशाराम की आँखों में जो चमक थी, उसने बता दिया कि यह सहायता उसके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि स्वावलंबन की सवारी है।

गणेशाराम ने बताया, अब मुझे कॉलेज जाने में परेशानी नहीं होगी। मैं समय पर पहुंच सकूंगा, खुद अपने काम भी कर सकूंगा। मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हम जैसे छात्रों के सपनों को उड़ान दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा, सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति अपनी अक्षमता या संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए हम अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दईजर शिविर में इस तरह के कई संवेदनशील और जनकल्याणकारी क्षण देखने को मिले, लेकिन गणेशाराम की मुस्कान ने यह सिद्ध कर दिया कि सरकार की योजनाएं जब सही हाथों तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ लाभ नहीं, भविष्य गढ़ती हैं।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!