बौंली में अभिभाषक संघ का न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी
बौंली . राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट व राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन जोधपुर के आव्हान पर उपखंड मुख्यालय पर भी अभिभाषक संघ उपशाखा बौंली का न्यायिक कार्य स्थगन सोमवार नवें दिवस भी जारी रहा। न्यायिक कार्य स्थगन(बहिष्कार) को लेकर अभिभाषक संघ अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया कि जोधपुर में एडवोकेट जुगराज चौधरी की नृशंस हत्या के बाद पूरे प्रदेश में अभिभाषक संघों द्वारा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों को लेकर सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य स्थगित रखा जा रहा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत जोशी व रवि भंसाली के आव्हान पर अभिभाषक संघ बौंली के द्वारा भी एसीजेएम व उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालयों में न्यायिक कार्य बराबर स्थगित रखा जा रहा है तथा जब तक प्रदेश नेतृत्व की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर न्यायिक कार्य का स्थगन जारी रहेगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी सरकार अभिभाषक संघों की मांग को लेकर गंभीर नहीं है ऐसे में अब प्रदेश नेतृत्व ने सोमवार से प्रदेश के सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्यों का पूर्णरूपेण बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। प्रदेश नेतृत्व के इस निर्णय की पालना में बौंली अभिभाषक संघ ने भी दोनों न्यायालयों में सोमवार को न्यायिक कार्यों का पूर्णरूपेण बहिष्कार किया।इसको लेकर अध्यक्ष के नेतृत्व में बार पदाधिकारियों ने एसीजेएम व उपखंड न्यायालय में न्यायिक कार्य बहिष्कार की सूचना के ज्ञापन सौंपे। गौरतलब है कि गत एक सप्ताह से भी अधिक दिवस से वकीलों द्वारा न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं करने से न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित हो रहे है। वकीलों के न्यायालयों में उपस्थित नहीं हो पाने से वादी - परिवादियों के न्यायिक कार्य संपन्न नहीं हो पा रहे।वादी-- प्रतिवादी रोज न्यायालयों के चक्कर लगाकर वापस लौट रहे हैं। अभिभाषक संघ अध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि जोधपुर में एडवोकेट जुगराज चौधरी की हत्या के बाद प्रदेश संघ पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री सहित शासन प्रशासन को प्रमुख मांगों से अवगत कराने के बाद भी सरकार द्वारा किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा इससे प्रदेश के वकीलों में रोष बना हुआ है व दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है। सरकार द्वारा जब तक वकीलों की एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यहां भी वकीलों द्वारा दोनों न्यायालयों में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार स्थगन जारी रहेगा।