18 वर्ष बाद मिला न्याय, आरोपी को मिला संदेह का लाभ
सिणधरी। उपखंड मुख्यालय पर स्थित न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपांशु आर्य द्वारा दुर्घटना कार्य करने के आरोपी सुमार खान को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया। ज्ञातव्य रहे की सिणधरी थाना में दिनांक 23 सितंबर 2006 को मजरूफ़ बुद्धराम पुत्र मोमता राम बिश्नोई निवासी चैनपुरा पुलिस थाना धोरीमन्ना ने पर्चा बयान दिया था कि मैं वह दिनेश पुत्र जगराम,धीराराम पुत्र सोनाराम निवासी कांधि की ढाणी मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। तब सिणधरी में चंपालाल प्रजापत की होटल के पास सामने से एक ट्रक चालक ने तेज गति व लापरवाही पूर्वक सलाहकार टक्कर मारी घटना से हम तीनों को गंभीर छोटे आई जिस पर सिणधरी पुलिस ने मामला दर्ज कर बात अनुसंधान आरंभ कर अभियुक्त सुमार खान निवासी सरणू के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जाकर अभियुक्त सुमार खान के विरोध ट्रायल करीब 18 साल चलने के बाद हाल ही में सिणधरी मुख्यालय पर न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपांशु आर्य ने त्वरित निर्णय लेते हुए मामले में अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया अभियुक्त की ओर से मामले में पैरवी चेनाराम चौधरी ने की । वहीं सरकार की ओर से एडीडी सेकंड अमित शर्मा ने की सिणधरी न्यायालय खुलने के बाद पहला मामला है ।