कमला हैरिस ने परिवार का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम संग कनेक्शन, खुद किया खुलासा
कमला हैरिस महज 5 साल की थीं, तब वे जाम्बिया के लुसाका में हरियाली से घिरे एक बंगले में थीं। यह घर उनके नाना एक भारतीय सिविल सेवक पीवी गोपालन का था। वह उत्तर-औपनिवेशिक भारत में एक सिविल सेवक थे, जिन्हें रोडेशिया (अब जिम्बाब्वे) से शरणार्थियों की आमद का प्रबंधन करने के लिए जाम्बिया भेजा गया थाऔर उन्होंने हाल ही में ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। गोपालन 1930 के दशक में भारत में ब्रिटिश शासन के अंत के समय भारतीय सिविल सेवा में शामिल हुए थे। वह सीधे कॉलेज से जुड़ गए थे। वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे।
मेरे नाना भारत के मूल स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में हैरिस ने कहा कि बचपन की मेरी कुछ सबसे प्यारी यादें सेवानिवृत्त होने के बाद उनके साथ समुद्र तट पर घूमना और बेसेंट नगर में रहना था, जिसे उस समय मद्रास कहा जाता था। उसे इंडियाना के स्वतंत्रता सेनानियों की लंबी यात्राओं के बारे में कहानियाँ भी सुनाता था। हैरिस को नागरिक विचारधारा और सार्वजनिक सेवा की भावना अपने दादा से विरासत में मिली थी।