केकड़ी।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं. 1 न्यायालय ने चैक अनादरण के आरेापी ग्राम मेवदाकलां झौपड़ा निवासी मुकेश पुत्र महाराम धोल्या को दोषी मानते हुए कारावास व जुर्माने की सजा से दण्डित किया। मामले के तथ्यों के अनुसार छगनपुरा केकड़ी निवासी राधेश्याम लोधा ने अपने अधिवक्ता आशुतोष शर्मा के जरिये मुल्जिम के विरूद्ध 1,80,000/-रू. की राशि का चैक अनादरित होने का परिवाद प्रस्तुत किया था। वर्ष 2019 से चले आ रहे प्रकरण में अंततः न्यायालय ने मुल्जिम को चैक अनादरण का दोषी माना तथा अपने फैसले में कहा कि वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में अधिकतर व्यावसायिक संव्यवहार चैकों के माध्यम से ही किये जाते हैं, ऐसी स्थिति में धारा 138 के प्रकरणों में नरमी का रूख रखने से आमजन में चैक संव्यवहार की विश्वसनीयता खंडित होगी और अपराधियों के हौंसले बढ़ेंगे। अतः कारावास व जुर्माने की सजा से दण्डित किया गया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने पैरवी की।