रामकथा में केवट प्रसंग ने लोगो को किया भावविभोर
गंगापुर -भीलवाड़ा . बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल द्वारा आयोजित रामकथा में केवट प्रसंग ने लोगों को भाव विभोर कर दिया । भगवान राम जब वनवास जाते तब नदी पर करने के लिए नाव की जरूरत पड़ती तो नाविक केवट से भगवान राम नदी पार करवाने का आग्रह करते तब केवट कहता कि पहले में आपके पैरों को धोने का बाद ही नाव में बैठने दूंगा क्योकि आपके पैरों में जादू है आपने पत्थर की अहिल्या को वापस जीवित कर दिया था कही मेरी नाव को पत्थर को बना दो तो भगवान राम केवट की समझदारी को समझ गए कि ये बडा ही चतुर है फिर भी राम ने केवट को अपने पैरों को धोने की इजाजत दे दी केवट ने अपने हाथों से भगवान राम के पैरों मलमल कर धोया। केवट भगवान राम के चरणों को धोने के बाद उनके चरणाम्रत को पूरे परिवार को पिलाया । केवट ने जब नदी पार करवाई तब राम ने नाव का किराया देने की बात कही तो केवट ने बडे भाव से कहा हम नदी पार करवाते है ओर आप भव सागर पार करवाते हो इस हिसाब से अप दोनो स्टाफ के हुए ओर आपसे कुछ नही ले सकता हु । ईसलिये प्रभु जब हम बैकुठ में आये तब आप भी हमे भव पार करवा देना। रामायण के इस प्रसंग से भक्तगण भाव विभोर हो गए व्यास पीठ पर विराजमान पण्डित आनंद कृष्ण शास्त्री के मुखारबिंद से चल रही रामकथा में सेकड़ो धर्म प्रेमी सज्जन पधार रहे है रामकथा की पूर्णाहुति 30 तारीख गुरुवार को होगी।
मंडल सदस्य मदनलाल तेली ने बताया कि 30 तारीख को ही कलश स्थापना, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व भंडारे का आयोजन किया जायेगा।