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 खाजूवाला कांड राजस्थान के माथे पर कंलक-सतीश पूनिया

 खाजूवाला कांड राजस्थान के माथे पर कंलक-सतीश पूनिया

बीकानेर । खाजूवाला कांड की आग ठंडी भले ही पड़ गई मगर इस कांड को लेकर नेताओं की बयानबाजी लगातार जारी है। रविवार को बीकानेर दौरे पर आये भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी खाजूवाला कांड को लेकर राजस्थान की गहलोत सरकार पर निशाना साधा। उन्होने तल्ख लहजे में कहा कि खाजूवाला कांड राजस्थान के माथे पर कलंक है। उन्होने कहा कि गहलोत सरकार के कुशासन में राजस्थान कराह रहा है। उन्होने कहा कि एक दलित छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या के इस विभत्स कांड समूचे प्रदेश को झकझोर दिया और सीएम अशोक गहलोत ने एक भत्र्सना तक नहीं की। सच्चाई तो यह है कि सीएम गहलोत और उनकी सरकार के मंत्री इस मामले में लीपापोती करने जुटे है। जनता इन्हे कभी माफ नहीं करेगी। पूनिया ने कहा कि नेशनल क्राइम रिपोर्ट में भी राजस्थान में बढ़ते रेप के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि सही मायने में यह गहलोत सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धी है। उन्होने कहा कि ना सिर्फ खाजूवाला बल्कि राजस्थान के लगभग हर जिले में अपराधों की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव से जुड़े सवाल पर पूनिया ने कहा भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ राजस्थन की सत्ता पर काबिज होगी। गहलोत सरकार सरकार रिपीट होने के सवाल पर उन्होने कहा ये तो मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसी बात है। इस कार्यकाल में कांग्रेस ने जिस तरह से प्रदेश में काम किया है, उससे हर कोई नाराज नजर आ रहा है। महिलाओं को सुरक्षा देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसी कारण लोगों में सत्ता के प्रति आक्रोश है। इस बार कांग्रेस डिलीट होने वाली है। पूनिया ने कहा कि भाजपा हमेशा नए लोगों को मौका देती है। इस बार भी पार्टी नए लोगों को अवसर देने में कोई कसर नहीं छोडग़ी। वहीं विधानसभा चुनाव से पहले संगठन स्तर पर कई सामान्य परिवर्तन हो सकते हैं। संगठनात्मक बदलाव भी जल्द ही देखने को मिल सकते हैं।
-गर्मजोशी से किया स्वागत
इससे पहले रविवार को सडक़ मार्ग से बीकानेर आगमन पर हाईवे पर हल्दीराम प्याऊ के पास भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोशीले अंदाज में सतीश पूनिया का स्वागत किया। शहर भाजपा अध्यक्ष विजय आचार्य की अगुवाई में स्वागत करने वालों में ओम सारस्वत, ताराचंद सारस्वत, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, नरेश नायक, गोकुल जोशी, हनुमान सिंह चावड़ा, भूपेंद्र शर्मा, चम्पालाल गेदर, आनंद सिंह भाटी, कुंभाराम सिद्ध, अशोक मीणा, भंवरलाल जांगीड़, महेश मुंड, श्याम चौधरी, सोहन लाल चांवरिया, मनीष सोनी, मुकेश ओझा, राजकुमार पारीक, चौरूलाल सुथार , दिनेश महात्मा के साथ सैंकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

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