लग गया खरमास मांगलिक कार्यों पर लगी एक माह को रोक
लक्ष्मणगढ़ । खरमास की शुरुआत 15 मार्च बुधवार से हो गई है।
खरमास का समापन 14 अप्रैल को होगा। खरमास में जहां मांगलिक कार्यों पर पाबंदी होती है।वहीं कुछ कामों को करने से ग्रह दोष दूर होता है।भगवान राम, मां दुर्गा, सूर्य देव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।
खरमास 15 मार्च से 14 अप्रैल तक रहेगा।
खरमास में शादी, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी ।
सूर्य देव जब मीन राशि में प्रवेश करते हैं या फिर धनु राशि में गोचर करते हैं तो खरमास लगता है। सूर्य 15 मार्च को सुबह 06:47 बजे मीन राशि में गोचर हुए हैं। इसलिए खरमास लगा है। 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से मेष में प्रवेश कर जाएंगे तब खरमास खत्म हो जाएगा। इस तरह से 1 माह तक खरमास रहेगा। खरमास के समय में सूर्य देव और बृहस्पति का प्रभाव कम हो जाता है। खरमास में शादी, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। इस समय में कोई भी नया काम नहीं कर सकते हैं।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार के अनुसार खरमास में जहां मांगलिक कार्य बंद रहते हैं ।वहीं पूजा पाठ, व्रत आदि पर रोक नहीं रहती है। खरमास के समय में कुछ ऐसे कार्य हैं जिनको करने से ग्रह दोष दूर होते है। सूर्य और बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसके साथ ही मां दुर्गा, भगवान राम और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।