किरण माहेश्वरी स्मृति मंच ने किया न्यायमूर्ति माहेश्वरी का अभिनंदन
राजसमन्द. किरण माहेश्वरी स्मृति मंच ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी का उदयपुर आगमन पर अभिनंदन किया एवं विधि शिक्षा में संभावनाओं पर अनौपचारिक वार्ता का आयोजन किया।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी ने वार्ता में विधि व्यवसाय की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधि संस्थान की स्थापना से विधिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार हुआ है। आज विद्यार्थी विधि स्नातक बनती जितना ज्ञान अर्जित कर लेते हैं, वह पूर्व समय में 8-10 वर्षों के विधि व्यवसाय के बाद ही मिलता था। व्यवसायिक सफलता के लिए विषय विशेषज्ञता के साथी मानवीय संवेदनाओं के गुण भी आवश्यक है।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी ने विधायिका में विधेयक बनाने की प्रक्रिया, भारत एवं अन्य देशों की प्रक्रिया में अंतर आदि पर प्रकाश डाला। विधायकों के ऊपर सदन में सार्थक चर्चा के लिए प्रत्येक जनप्रतिनिधि के पास चिंतनशील एवं प्रबुद्ध व्यक्तियों का एक समूह होना चाहिए, जो उन्हें प्रस्तावित विधायकों एवं नीतियों का अध्ययन करके उनके गुण दोषों एवं प्रभाव पर सही सलाह दे सके।
किरण स्मृति मंच की संयोजिका एवं विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने न्यायमूर्ति माहेश्वरी का स्वागत करते हुए उच्च न्याय संस्थानों की प्रक्रियाओं, संविधान में विधि निर्माण की व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक दायित्व एवं जनता को उनकी भाषा में न्याय मिले जैसे विषयों पर सार्थक संवाद किया।
किरण स्मृति मंच के संयोजक डॉ सत्यनारायण माहेश्वरी ने न्यायमूर्ति के जीवन पर प्रकाश डाला और आमंत्रित अतिथियों का परिचय दिया। उन्होंने न्याय प्रणाली में सुगमता, न्याय प्राप्ति की लागत में हो रही वृद्धि आदि के बारे में विचार व्यक्त किए।
वार्ता में नगर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष रामनारायण कोठारी, ललित प्रसाद माहेश्वरी, शंकर मूंदड़ा, पार्षद रेखा अथवा, समाजसेवी ललित सेन, दामोदर खटोड़, अनिल मंत्री, रामचरित सोडाणी, गोपाल कृष्ण देवपुरा, शशांक सिंघवी, विशाल उंठवाल, प्रवीण माहेश्वरी, कैलाश सोमानी सहित कई प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति थी।
किरण स्मृति मंच के सचिव गोविंद दीक्षित में न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, फागुन तक अतिथियों, प्रबुद्ध जनों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति मंच की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।