ज्ञान मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र है - गोपालानंद सरस्वती
गंगापुर-भीलवाड़ा . गलवा में आयोजित गौ भागवत कथा में गोपालानंद सरस्वती जी ने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र उसका ज्ञान हैं। ज्ञान व्यवहारिक होना चाहिए। सद्गुरु के साक्षी में अर्जित ज्ञान ही व्यवहारिक होता है। मनुष्य को वह कार्य करने चाहिए जो उनकी आत्मा स्वीकार करती हो। साथ ही महाराज ने कहा कि गौमाता की सेवा से मनुष्य मोक्ष प्राप्त कर सकता है सुखदेव जी महाराज ने राजा परिक्षित को सभी तरह के सुख प्राप्त करने की विधियां बताई ओर कहा किस की उपासना से करने से कौनसा सुख प्राप्त होता है। कथा कमेटी के सदस्य भंवर लाल खारोल ने बताया कि आज कथा में संजय रुहिया, अरविंद चौधरी, पर्वत सिंह, मोनू तिवारी, राजेन्द्र सिंह , सुरेंद्रसिंह थानाधिकारी, जयंतीलाल जागेटिया के साथ कई पंचायतों के सरपंच, नेतागण कथा में उपस्थित थे कथा में हजारों की तादाद में भक्तगण पहुँच रहे है जिनके लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था कथा कमेटी द्वारा की गई है।