कोटा: स्तरीय विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक
समयबद्ध क्रियान्वयन और धरातलीय प्रगति सुनिश्चित करें -कलक्टर पीयूष समारिया
कोटा। जिला स्तरीय विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला कलक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति और सेवा शिविरों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी योजनाओं की जानकारी समय पर पोर्टल पर अपडेट करें, ताकि मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि कार्य केवल पत्राचार तक सीमित न रहें, अधिकारी व्यक्तिगत प्रयास करते हुए धरातल पर वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कागजी प्रक्रिया में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने निर्देश दिए को बाढ, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसम्मपतियों जैसे सड़क, पुलिया, विद्यालय भवन, आंगनबाडी, पंचायत भवन आदि की तात्कालिक अस्थाई मरम्मत के लिए एवं विद्यालय भवनों का उपखण्ड स्तरीय कमेटी एसडीआरएफ मद से स्वीकृत कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के सत्यापन अनुमोदन एवं करवाये गये कार्यों का भौतिक सत्यापन कार्यों के गुणवत्ता पूर्वक होने का प्रमाणिकरण तथा कार्य समाप्ति के उपरांत समय पर बिल प्रस्तुत किये जाने से संबंधित कार्य किया जाना सुनिश्चित करेगी।
शिक्षा विभाग को प्रवेशोत्सव के दौरान हुए नामांकन की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप जो कमी है, उसे दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से वंचित न रहे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को लाडो प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वन में विशेष प्रयास करने और योजनाओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि बैंक स्तर पर जो प्रकरण लंबित हैं, उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि इन लंबित प्रकरणों के समाधान हेतु इस मुद्दे को आगामी राज्य स्तरीय बैठक में प्रभावी रूप से रखा जाए, ताकि बाधाओं का निस्तारण उच्च स्तर पर सुनिश्चित हो सके। वन विभाग को हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत किए जा रहे पौधारोपण की जियोटैगिंग सुनिश्चित करने तथा नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, अतः लगाए गए पौधों की सुरक्षा और जनसहभागिता पर विशेष जोर दिया जाए। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 एवं पंच गौरव सहित प्रमुख विकास योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की और निर्दिष्ट समयावधि में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूर्ण नहीं होते हैं तो संबंधित एजेंसी को निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परिवादी विभागीय प्रक्रिया से संतुष्ट होकर लौटे। उन्होंने सड़क मरम्मत, रोड लाइट, नाली मरम्मत, खराब ट्रांसफार्मर बदलने तथा अन्य जनसुविधा संबंधी कार्यों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इसका उद्देश्य जनता को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य केवल अधिकारियों और कार्मिकों का एक स्थान पर बैठना नहीं, बल्कि आमजन को यह जागरूक करना है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की सेवा या योजना का लाभ चाहिए तो शिविरों में पहुंचकर वे अपने कार्यों को सुलभ और पारदर्शी रूप से पूर्ण करा सकते हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अनिल सिंघल, केडीए सचिव मुकेश चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मज़हर इमाम, संयुक्त निदेशक लोक सेवा देवान्शु शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।