आज के कलियुग में मिसाल है कृष्ण सुदामा की मित्रता
झुंझुनूं । झुंझुनूं के समीपवर्ती गांव सिरियासर कंला गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक परम श्रद्धेय पंडित लखनपाल जी (चिड़ावा वाले) के श्रीमुख से कृष्ण सुदामा की मित्रता का बहुत ही मार्मिक चित्रण झांकी द्वारा किया गया । व्यास पीठ से पंडित जी ने कलियुग में जो मित्रता स्वार्थ की होती है उससे विपरीत निस्वार्थ भाव वाली मित्रता का वर्णन जब किया तो कथा में पधारे श्रोताओ की आंखें नम हो गई । इस प्रसंग का बहुत ही मार्मिक चित्रण झांकी द्वारा किया गया व साथ में अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पर सुदामा गरीब आ गया है भक्तिमय भजन ने श्रोताओं को इस कदर बांध दिया जैसे सुदामा की भूमिका में स्वयं वे कृष्ण भगवान के द्वार पर खड़े हैं । श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर झुन्झुनू से भाजपा नेता व विप्र समाज के महेश बसावतिया, रामजीलाल जांगीड़,सुभाष शर्मा,महेन्द्र कुमार शर्मा , बनवारी लाल पोस्टमास्टर,धर्मपाल जांगीड़,राकेश कुमावत, कुंभाराम जागीड,श्रीमति गीता देवी व श्रीमति संतोष देवी ने व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया ।