ग्रामीण सेवा शिविरों की शुरुआत, गांव-गांव पहुंचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार से जिलेभर में ग्रामीण सेवा शिविर–2026 की शुरुआत हो गई। इन शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि चिकित्सा विभाग स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष फोकस कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि यह अभियान 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके तहत बीपी, शुगर और सर्वाइकल, ब्रेस्ट एवं ओरल कैंसर जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी, ताकि समय रहते रोगों की पहचान और उपचार संभव हो सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा। यह टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा शिविरों में लोगों की आभा आईडी बनाई जाएगी और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा।
जांच के दौरान बीपी और शुगर से प्रभावित पाए जाने वाले मरीजों का उपचार निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा। साथ ही उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एनसीडी पोर्टल पर अपलोड कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार गोयल ने बताया कि शिविरों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग और बच्चों के नियमित टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल रोग की जांच भी की जाएगी।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग, पोषण किट वितरण और निक्षय मित्र बनाने की प्रक्रिया भी शिविरों में संचालित होगी। इसके साथ ही पात्र लोगों के आयुष्मान भारत (पीएमजेएवाई) कार्ड बनाकर वितरित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और लोगों को समय पर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।