12 वें दिन भी जारी बकीलों की कलम बंद हडताल,
न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे पक्षकारों में मायूसी
भुसावर . भुसावर उपखंड मुख्यालय पर एसीजेएम न्यायालय की मांग को लेकर की जा रही हड़ताल 12 वें दिन भी जारी रही! 12 वें दिन भी अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल कर संपूर्ण न्याय कार्य का बहिष्कार किया! अभिभाषक संघ भुसावर के अध्यक्ष नेमीचंद जैमन ने बताया कि अभिभाषक संघ भुसावर की मांग पर एसीजेएम न्यायालय वैर में खोलने का विरोध करते हुए हड़ताल की जा रही है! जबकि एसीजेएम न्यायालय की भुसावर में अधिक मुकदमे होने की वजह से अति आवश्यकता है वैर में पूर्व से ही एसीजेएम न्यायालय स्थापित है भुसावर में मापदंडों के अनुसार न्यायिक कार्यों की पेंडेंसी बहुत ज्यादा है एसीजेएम कोर्ट भुसावर में नहीं खुलने पर आमजन में भारी आक्रोश फैलता जा रहा है सोमवार 26 जून को न्यायालय खुलते ही पक्षकारान न्यायालय में पहुंचे जहां पर उन्होंने वकीलों की हड़ताल को देखकर अपने आप को ठगा सा महसूस पाया।
गत 11 दिन से पक्षकार न्याय की आस में न्यायालय आकर वापस लौट रहे हैं एक पक्षकार ने बताया कि उन्हें उपखंड क्षेत्र के सरहदी गाँव जसवर से 20 - किलोमीटर से भी अधिक दूरी से न्याय की आशा से आना पडता हैं! अगर एसीजेएम कार्यालय भुसावर में नहीं खुलता है तो उन्हें 12 किलोमीटर और अधिक यानी 32 से 35 किलोमीटर जाना होगा जबकि उनकी तहसील ,पंचायत समिति एवं उपखंड अधिकारी मुख्यालय भुसावर में है!