सिरोही के मंडार में लीलाधारी महादेव पशु मेले का हुआ शुभारम्भ
जयपुर। सिरोही जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मण्डार में लीलाधारी महादेव पशु मेले का विधिवत शुभारंभ शनिवार को ध्वजारोहण के साथ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने पशु मेले के आयोजन पर खुशी व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है और प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न बजट घोषणाओं और निर्णयों द्वारा विकास के कार्य करवाए जा रहे हैं।उन्होंने इस दौरान राज्य में कृषकों एवं पशुपालकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं, प्रक्रिया तथा लाभ के बारे में भी जानकारी दी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों के हितों के लिए कृतसंकल्पित है।उन्होंने कहा कि राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराएं और पशुधन आधारित जीवनशैली हमारी अनमोल धरोहर है। ऐसे पारंपरिक मेले न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को भी सुदृढ़ करते हैं। जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्य कर रही है,राज्य में विभिन्न जिलों में पशुमेलों का आयोजन भी किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इन मेलों के माध्यम से जहां विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी साथ ही पशुधन के क्रय विक्रय सहित विभिन्न लाभ मिलेंगे। जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने कहा कि पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए तथा उत्साहवर्धन के लिए पशुमेलों के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं उन्होंने इसके लिए सभी को शुभकामनाएं दी। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई साथ ही अतिथियों द्वारा गौपूजन भी किया गया। इस दौरान विधायक समाराम गरासिया,उपखंड अधिकारी राजन लोहिया,पशुपालन विभाग के अधिकारी कर्मचारी व ग्रामीण उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह पशुमेला 11 मार्च तक आयोजित किया जायेगा। इस मेले के माध्यम से उत्कृष्ट पशु नस्लों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाएगा। पशुपालकों को उन्नत पशुपालन तकनीकों, टीकाकरण, रोग नियंत्रण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। मेले में गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊंट एवं घोड़ों का प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिसमें 8 मार्च को ऊँट व ऊँटनी की विभिन्न प्रतियोगिताएं, 9 मार्च को अश्व प्रतियोगिता एवं 10 मार्च को अन्य पशुओं की प्रतियोगिता के साथ ही रात्रि में कवि सम्मेलन, लोककला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। किसानों एवं पशुपालकों के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग की स्टॉल द्वारा उन्नत नस्ल संवर्धन, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, आधुनिक तकनीक एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।मेले के माध्यम से पारंपरिक सांस्कृतिक गौरव एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग ने जिले के समस्त पशुपालकों एवं आमजन से मेले में अधिकाधिक भागीदारी निभाने की अपील की है।