मानव धर्म मूक-बधिर एवं नेत्रहीन विद्यालय पनवाड़ में विधिक जागरूकता शिविर
टोंक। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. रूबीना परवीन अंसारी द्वारा मानव धर्म मूक-बधिर एवं नेत्रहीन विद्यालय पनवाड़ देवली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सचिव ने जानकारी देते हुए कहा कि यह हमारे विधिक तंत्र के लिए अनिवार्य है कि वह सुनिश्चित करे कि अशक्ताग्रस्त व्यक्तियों मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं मानसिक रूप से अशक्त व्यक्तियों सहित अपने मानव अधिकारों एवं मौलिक स्वतंत्रता को अन्य लोगों के साथ समानता के आधार पर उपभोग कर पा रहे हें और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें विधि के समक्ष समान मान्यता एवं विधि से समान रक्षा मिले तथा अशक्त व्यक्तियों को अन्य लोगों के साथ बराबरी के आधार पर न्याय तक प्रभावशाली अभिगमन मिले। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं मानसिक रूप से अशक्त व्यक्तियेां के लिए विधिक सेवा योजना नालसा (मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाऐं) योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा मानसिक अशक्ता से ग्रस्त व्यक्ति कलंकित लोग नहीं हैं एवं उनके साथ ऐसा ही व्यवहार किया जायेगा, जैसा किसी अन्य व्यक्ति से, जिसे उसके हक के सभी अधिकारों को प्रवृत करने में सहायता मिलती है एवं जैसा कि उन्हें विधि द्वारा आश्वासित किया गया है। न्यायाधीश ने जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के मानवीय अधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित एवं रक्षित किया जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि वह अपने मानवीय अधिकारों एवं मौलिक स्वतंत्रता का पूर्ण और समान आनंद ले सके।