जीवन क्षणभंगुर हैं और आत्मा अजर अमर : मोयल
सोजत। जीवन क्षणभंगुर हैं और आत्मा अजर अमर है मनुष्य को जीवन में सत्कर्म करते रहना चाहिए ताकि उसे युगों तक याद किया जाता रहे उक्त उद्गार पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल ने समाजसेवी केवलचन्द सोनी के निधन पर आयोजित शोक सभा में व्यक्त किए उन्होंने कहा कि स्वर्गीय सोनी सादगी की मुर्ति थे। पूर्व खेल अधिकारी सत्तुसिंह भाटी ने कहा कि आत्मा शरीर बदलती रहती है। हमारी आत्मा सुक्षम है और जनम मरण भी शरीर के साथ चलते रहते हैं यह प्रकृति का नियम है जिसे हमें स्वीकार करना पड़ता है। वरिष्ठ साहित्यकार रामस्वरूप भटनागर ने कहा कि श्रीकृष्ण की कही सारी बातें आज भी चिरिंजीव हैं आत्मा शरीर बदलती है, कभी मरती नहीं है. इसीलिए किसी की मृत्यु पर शोक नहीं करना चाहिए। शोक सभा में कवि कथाकार रशीद गौरी फौजी अशोक सेन समाज सेवी महेश सोनी, जगदीश तोषावड़ कन्हैयालाल सोनी सुनील प्रजापत, अमृतलाल, राजमल, अशोक , दीपक , चम्पा लाल ओमप्रकाश सहित कई गणमान्य जन उपस्थित थे। अंत में दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय केवलचन्द सोनी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई व महेश सोनी ने सभी का आभार ज्ञापित किया।